
Akshay Kumar Jha
Ranchi: एक बार फिर से पुलिस का पावर दिखा कर सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश हो रही है. इस बार यह काम रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड में हो रहा है. बीते दिनों में देखा गया है कि भू-माफिया ओरमांझी प्रखंड में काफी सक्रिय हो रहे हैं.
अभी हाल में ही हिलव्यू फार्म हाउस को लेकर जांच रिपोर्ट में सरकारी जमीन को हथियाने का मामला सामने आया है. दूसरी तरफ ओरमांझी के आनंदी गांव में भी कुछ ऐसा ही खेल चल रहा है.
अपराध अनुसंधान विभाग कर्मचारी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी सहयोग समिति लिमिटेड ने आनंदी गांव में करीब 40 एकड़ जमीन की घेराबंदी की है.
बताया जा रहा है कि इस घेराबंदी में बड़े पैमाने पर जीएम और भूईहरी किस्म की जमीन पर भी कब्जा जमाने की कोशिश हो रही है. इस बात को लेकर ओरमांझी सीओ कार्यालय सतर्क हो गया है.
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सीओ ने प्रशासन से जमीन नापने के लिए मांगा अमीन
ग्रामीणों की शिकायत के बाद सीओ कार्यालय मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. बताया जा रहा है कि करीब 40 एकड़ की घेराबंदी में पुलिस सहकारी समिति ने दो एकड़ जीएम लैंड और करीब आठ एकड़ सीएनटी और भूईहरी किस्म की जमीन की भी घेरा बंदी की है.
सीओ कार्यालय पूरे घेराबंदी की अमीन से नापी कराने जा रहा है. इसके लिए प्रशासन से तीन अमीन की मांग की गयी है. अमीन मिलते ही सीओ कार्यालय घेराबंदी की नापी करायेगा.
सीओ शिव शंकर पांडेय से मामले पर बात करने पर उन्होंने कहा कि जीएम लैंड और सीएनटी लैंड होने की बात सामने आ रही है. लेकिन पुख्ते तौर पर जमीन मापी के बाद ही कुछ भी कहा जा सकता है. इस काम में एक सप्ताह या उससे ज्यादा का समय लग सकता है.
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कुछ प्रमोटी डीएसपी म्यूटेशन कराने की कर रहे हैं कोशिश
नाम ना छापने की सूरत पर ओरमांझी सीओ कार्यालय से नजदीकी रखने वाले पुख्ता सूत्रों ने बताया कि पुलिस की सहकारी समिति की तरफ से कुछ प्लॉट की जमाबंदी ऑनलाइन चढ़ाने के लिए कुछ प्रमोटी डीएसपी सीओ कार्यालय पहुंचे थे. वो अपने साथ कुछ कागजात भी लाए थे.
डीएसपी का कहना था कि इन प्लॉटों की जमाबंदी हो चुकी है, सिर्फ ऑन लाइन चढ़ाने का काम बाकी है. सूत्रों का कहना था कि जो कागजात वो साथ लेकर आए थे, उसपर सीओ कार्यालय के अधिकारियों के हस्ताक्षर के साथ छेड़छाड़ की गयी थी. जिसे देखते ही समझा जा सकता था.
इस बात को लेकर सीओ कार्यालय के कर्मियों के साथ प्रमोटी डीएसपी की थोड़ी बहस भी हुई. जिसके बाद सीओ कार्यालय ने जमाबंदी को ऑनलाइन चढ़ाने से मना कर दिया.
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