
Moscow : पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यहां आकर अपार खुशी हो रही है. यह राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण से संभव हुआ है. मैं व्लादिवोस्तोक आने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री हूं. प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ बुधवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही.
इस क्रम में कहा कि यह संयोग है कि राष्ट्रपति पुतिन और मेरे बीच भारत और रूस का 20वां वार्षिक समिट हुआ है. 2001 में ऐसा पहला समिट हुआ था. उस समय पुतिन रूस के राष्ट्रपति थे और मैं अटल जी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर आया था.
न्यूक्लियर प्लांट को लेकर भागीदारी विकसित हो रही है
हम दोनों की दोस्ती का सफर तेजी से आगे बढ़ा है. पीएम ने कहा कि पुतिन और मैं इस रिश्ते को विश्वास के जरिये सहयोग की नयी ऊंचाइयों तक ले गये हैं. हमनें सहयोग को सरकारी दायरे से बाहर लाकर उससे लोगों को जोड़ा है. रक्षा क्षेत्र में भी रूसी उपकरणों के स्पेयर पार्ट भारत में बनाने का समझौता हुआ है. भारत में रूस के सहयोग से बन रहे हैं न्यूक्लियर प्लांट को लेकर भागीदारी विकसित हो रही है.
साथ ही कहा कि हम अपने रिश्ते को राजधानी के बाहर भी ले जा रहे हैं. मैं लंबे अर्से तक गुजरात का मुख्यमंत्री रहा हूं और पुतिन भी रूस के रीजन की क्षमताओं को अच्छे से जानते हैं. कहा कि पुतिन के निमंत्रण के बाद हमनें तैयारी शुरू कर दी थी. इसके लिए भारत के कॉमर्स मिनिस्टर और कई सीएम यहां आये.
कोयला, डायमंड, टिम्बर और टूरिज्म में संभावनाएं विकसित हुई
पीएम मोदी ने कहा कि कोयला, डायमंड, टिम्बर और टूरिज्म में अनेक संभावनाएं विकसित हुई है. हमनें रिश्ते को और बेहतर करने के लिए कई बातों पर सहमति जताई है. स्पेस में हमारा सहयोग नयी ऊचाइंयो को छू रहा है. बताया कि भारत के अंतरिक्ष यात्री रूस में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. हमारे स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में भी नये अध्याय जुड़ रहे हैं. जब भी जरूरत होती है भारत और रूस एक दूसरे के लिए काम आते हैं.
अफगानिस्तान को लेकर कहा कि भारत एक ऐसा अफगानिस्तान देखना चाहता है जो स्वतंत्र और शांत हो. हम दोनों देश किसी बाहरी दखल के खिलाफ हैं. हमने भारत के इंडो पेसिफिक के कॉन्सेप्ट पर भी बात की. कहा कि अगले साल भारत और रूस मिलकर टाइगर कंजर्वेसन पर काम करने के लिए सहमत हुए हैं. मैं ईस्टर्न इकोनॉमिक समिट में भाग लेने के लिए उत्सुक हूं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि दोनों देशों के बीच कुल 15 MoU पर साइन हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले साल मई में एक बार फिर रूस के दौरे पर जायेंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें वर्ल्ड वॉर-2 में रूस की जीत के 75 साल पूरे होने वाले जश्न में न्योता दिया है.
पीएम मोदी की जमकर तारीफ की
व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ संबंधों की चर्चा की और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. व्लादिमीर पुतिन ने साझा प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध काफी सामरिक हैं, हम लगातार अपनी दोस्ती को मजबूत बना रहे हैं. हम लगातार संपर्क में रहते हैं और दोनों देशों के बीच लगातार कई बैठकें हो रही हैं. इससे पहले हम दोनों ओसाका में हुई थी, दोनों नेता लगातार खुले और बढ़िया वातावरण में बातचीत कर रहे हैं.
व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पिछली बैठक में हमने जो फैसला लिये थे, उसकी आज समीक्षा की. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता निवेश और व्यापार है, दोनों के व्यापार में 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. मुझे विश्वास है कि दोनों देश कई और मोर्चे पर साथ आगे बढ़ेंगे.
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