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बाघमारा के जंगल में महिलाओं ने देखा बाघ! इलाके में दहशत, लोगों ने रात में निकलना किया बंद

Dhanbad : ‘बाघ आया-बाघ आया’ वाली कहानी आपने जरूर सुनी होगी. ऐसी ही कहानी इन दिनों बाघमारा के खानुडीह में देखने और सुनने को मिल रही है. धनबाद के बाघमारा प्रखंड के खानुडीह पंचायत अंतर्गत जमुनिया नदी से सटे जंगल में लेडवाडीह की कुछ ग्रामीण महिलाओं ने देर शाम बाघ देखने की बात कही, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है.

डरे-सहमे ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया गोपाल महतो को सूचना दी. मुखिया ग्रामीण के पास पहुंचकर पूरी जानकारी ली और वन अधिकारी तथा बाघमारा पुलिस को सूचना दी. सूचना पाकर तोपचांची रेंजर अजय कुमार मंजुल जमुनिया जंगल पहुचे. वहां से स्थानीय लोगों को साथ लेकर रेंजर ने पूरे जंगल का मुआयना किया. घंटों खाक छानने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ.कुछ जगहों पर बाघ के पैर जैसे निशान देखे गये जिसकी जांच वन अधिकारी कर रहे हैं.

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‘बाघ के निशान नहीं लग रहे’

हालांकि वन अधिकारी ने कहा, “पैर के निशान बाघ जैसे नहीं लग रहे हैं. ये किसी और जानवर के हो सकते हैं. अगर बाघ के हुए तो ये बड़ी बात होगी.”

वन अधिकारी ने ग्रामीणों को बाघ के पैर के निशान कैसे होते है, इसकी जानकारी दी. जिन महिलाओं ने बाघ देखने की बात गांव में कही थी उनसे वन अधिकारी ने पूछताछ की. वन अधिकारी ने ग्रामीणों को बाघ तथा अन्य जानवरों के फोटो को दिखाये. महिलाओं ने बाघ के फोटो देख कर वन अधिकारी को बाघ होने की ही बात कही.

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि कल शाम को महिलाएं जंगल गयी थीं. जंगल में कुछ दूर जाने के बाद बाघ जैसा जानवर देखा, जिससे सभी महिला जंगल से भाग कर गांव आ गयीं. जानकारी मिलते ही गांव के लोग जंगल भी गये लेकिन बाघ नहीं दिखा.

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अधिकारी ने बतायी सावधानियां

अधिकारी ने गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि यदि जंगल में बाघ है तो इससे स्पष्ट होता है कि यह समृद्ध जंगल है. उन्होंने लोगों से कहा कि वे बच्चों को अपने से दूर नहीं होने दें. अधिकारी ने आश्वस्त किया कि बाघ ज्यादा समय तक एक स्थान पर नहीं रहता है. कहा कि बाघ हमेशा जिंदा शिकार ही करता है.

बाघ दिखने की खबर से पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है. शाम होते ही ग्रामीण बाघ के डर से कहीं आते-जाते नहीं हैं और घर का दरवाजा बंद रखते हैं.

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