
Patna : पटना हाइकोर्ट की नयी बिल्डिंग (शताब्दी भवन) के पास मजार से सटी बहुमंजिली इमारत को तोड़ने का आदेश राज्य सरकार को हाइकोर्ट ने दिया है. कोर्ट ने इस निर्माण को अवैध माना है. न्यायाधीश अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी. इससे पहले इस इमारत के निर्माण पर रोक लगाते हुए अदालत ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या इसके निर्माण को लेकर पटना हाइकोर्ट और पटना नगर निगम से भी अनुमति ली गयी थी. यह इमारत चार मंजिली है.
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि शताब्दी भवन से सटे मजार के करीब वक्फ बोर्ड का चार मंजिला कार्यालय बन रहा है. कार्यालय के सबसे नीचे मुसाफिरखाना का निर्माण हो रहा था.
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यह भवन तीन तल का है. नयी इमारत के निर्माण में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गयी थी. खंडपीठ ने कहा था कि निर्माण गलत तरीके से किया गया है.
बिल्डिंग बायलाज की धारा-21 में स्पष्ट कहा गया है कि विधानसभा, राजभवन और हाइकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील परिसर से सटा कर कोई दूसरी इमारत नहीं बनायी जा सकती है. साथ ही ऐसी किसी इमारत की ऊंचाई 10 मीटर से ज्यादा कभी नहीं हो सकती है.
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