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पंचायत चुनावः सरकार पर भड़के सुदेश, कहा- चुनाव टलने से गांव के नेतृत्व के उभार पर संकट

बिरसा जयंती पर पार्टी का ‘उलगुलान दिवस’

Ranchi : पंचायत चुनाव के मसले पर आजसू पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा है. पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने सोमवार को कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर वह पंचायत चुनाव टालने पर क्यों लगी है. पंचायती राज व्यवस्था निचले स्तर पर विकास की नींव खड़ी करते हुए गांव की अहमियत को स्थापित करता है. ऐसे चुनाव सिर्फ चुनाव मात्र नहीं होते बल्कि गांव के नेतृत्व को उभारने का अवसर भी देते हैं. यह गांव को सरकारी तंत्र के नजदीक लाने का भी अवसर है. पर पंचायत चुनाव को लेकर वर्तमान सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है.

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टालमटोल कर रही झामुमो सरकार

आजसू प्रमुख ने कहा कि दो सालों से झामुमो महागठबंधन की सरकार चुनाव मामले में टालमटोल कर रही है. इसके अलावा बाकी ट्रांसफर पोस्टिंग, ठेका पट्टा, उद्घाटन शिलान्यास सब कुछ सरकार की जल्दबाजी में शामिल है. सिवाय गांव को अधिकार देने के. राज्य का बड़ा राजस्व गांवों से आता है.

गांवों से खनिज, कोयला, पत्थर का उठाव जोरों पर है. यह हक किसको मिल रहा है, यह राजस्व कौन ले जा रहा है, इन प्रश्नों से सरकार पीछा छुड़ाने में लगी है.

राज्य सरकार इससे भाग नहीं सकती. हेमंत सरकार के 2 साल में पंचायती राज व्यवस्था के जरिए कितने काम हुए, इस पर भी श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए.

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बिरसा के सपने साकार करने को आगे आयें युवा

पूरे राज्य में आजसू पार्टी ने सोमवार को बिरसा जयंती को ‘उलगुलान दिवस’ के रूप में मनाया. कोकर, रांची स्थित भगवान बिरसा के समाधि स्थल पर सोमवार को उनकी प्रतिमा पर सुदेश महतो ने माल्यार्पण किया. मौके पर कहा कि बिरसा मुंडा के सपने साकार करने की जिम्मेदारी हर एक झारखंडी पर है लेकिन इसकी अगुवाई युवा पीढ़ी करे.

बिरसा मुंडा के विचारों को उनके साहस, संघर्ष को आत्मसात करना ही नेक और अटूट श्रद्धांजलि होगी. आज का दिन झारखंड के लिए बेहद अहम है. 15 नवंबर 2000 को अलग राज्य का गठन हुआ था.

झारखंड 22वें बरस में दाखिल हो रहा है. 21 साल में हमने क्या हासिल किया है, इस पर भी ईमानदारी से विचार मंथन होना चाहिए.

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