
Palamu: जिले के पीपरा थाना क्षेत्र में 13 गाड़ियों में आग लगाने और विस्फोट के केस में 10 माओवादियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. बता दें कि एनएच-98 के चपरवार स्थित सिद्धार्थ स्टोन क्रशर प्लांट में नक्सलियों ने शुक्रवार (8 मई) की देर रात आगजनी व विस्फोट की घटना को अंजाम दिया था.
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जिसे लेकर 10 अज्ञात माओवादियों के ऊपर मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में माइंस मालिक ने पिपरा थाना को आवेदन दिया,जिसमें 10 अज्ञात माओवादियों पर हमला करने का आरोप लगाया है. माइंस संचालक की तरफ से किसी भी माओवादी कमांडर का नाम नहीं दिया गया है.इस घटना को लेवी के लिए अंजाम देने का आरोप लगाया गया है.
नितेश, अभिजीत, संजय के दस्ते का हाथ
मिली जानकारी के अनुसार, पिपरा में हुई वाहनों में आगजनी और विस्फोट की घटना को अंजाम माओवादी कमांडर नितेश यादव, अभिजीत यादव और संजय गोदराम के दस्ते ने दिया है. नितेश पर 10 लाख और अभिजीत पर पांच लाख का इनाम है.
वहीं, पलामू पुलिस अभिजीत यादव की संपत्ति पहले ही जब्त कर चुकी है. माओवादियों के खिलाफ झारंखड व बिहार राज्य का संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया है. इसमें सीआरपीएफ भी शामिल है. जानकारी के अनुसार, पलामू पुलिस लगातार गया व औरंगाबाद पुलिस के संपर्क में है. साथ ही मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी की जा रही है.
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छकरबंधा माओवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना
छकरबंधा माओवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना रहा है. इस इलाके में माओवादियो का पोलित ब्यूरो सदस्य पीके मिश्रा, सेंट्रल कमिटी सदस्त संदीप यादव समेत कई टॉप माओवादियों का ठिकाना हैं. औरंगाबाद-गया जिले की सीमा पर स्थित सोनदाहा, डुमरीनाला, लंगुराही, पचरुखिया, बरहा, छकरबंधा का जंगल भाकपा माओवादी नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता है.
नक्सली उक्त जंगलों में अपने को सुरक्षित मानते हैं.जंगल में सर्च आपरेशन में जाने वाले जवानों के अनुसार, जंगल की स्थिति छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से खतरनाक है. करीब तीस किमी में फैले इस जंगल में नक्सली बंकर बनाकर रखते हैं. स्टोन माइंस हमले में शामिल माओवादी कमांडर नितेश यादव, संजय गोदराम, अभिजीत आदि छकरबंधा के इलाके से ही आए थे. पलामू में इसी इलाके से माओवादी गतिविधि संचालित होती है.
समय-समय पर नक्सली दर्ज करवा रहे अपनी उपस्थिति
प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के नक्सलियों ने इस वर्ष 2020 में पिपरा थाना के चपरवार में अपनी पहली बड़ी धमक देते हुए क्रशर प्लांट में आगजनी की है.
इससे पूर्व नवंबर 2019 में पिपरा बाजार में सरेशाम गोलीबारी कर झामुमो नेता मोहन गुप्ता व एक फल विक्रेता सूरज सोनी की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
इससे पहले माओवादी संगटन ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान 26 अप्रैल को हरिहरगंज मुख्य बाजार में स्थित भाजपा के चुनावी कार्यालय को बम विस्फोट से उड़ा दिया था.
वर्ष 2019 जुलाई को बटाने नदी पर बने पुल को उड़ाने का प्रयास भी किया गया था. विधानसभा चुनावों में माओवादियों ने अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश की थी.
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