
Ramgarh: मनुवा – फुलसराय रेलवे क्रॉसिंग रास्ते को बुधवार को बंद करने आए रेलवे अधिकारियों को आस पास के सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने जमकर विरोध किया और नारे लगाए . जैसे ही ग्रामीणों को सूचना मिली कि रेलवे के अधिकारी इस क्रॉसिंग के रास्ते को बंद करने पहुंचे हैं, तो काफी संख्या मे ग्रामीण पहुंचे और रास्ते को बंद करने से मना किया. मौके पर वार्ड 10 के पार्षद इन्द्रदेव राम, तेजेन्द्र बेदिया सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 1909 में सर्वे रास्ता दिया गया है . वहीं वर्ष 1932 – 34 में रेल लाइन को विछाया गया है . उसी समय से ग्रामीण रामगढ सहित अन्य जगहों के लिए इसी रास्ते से आना जाना करते आ रहे हैं . रास्ते को बंद कर देने से ग्रामीण को दिक्कत होगी . इस क्रासिंग के उपर ग्रामीणों ने ओभर ब्रिज पुल की माँग की थी . ग्रामीणों ने रेलमंत्री , मुख्यमंत्री, रेलवे के वरीय अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया था. लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हुई है जिसके कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश था. मौके पर रेलवे विभाग के अधिकारी सीनियर डीईएन धनबाद इंद्रेश कुमार , एडीईएन परमानंद प्रसाद एवं रेलवे जीआरपी आरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे. वहीं पार्षद प्रतिनिधि तेजेंद्र बेदिया ने कहा कि इस सर्वे रास्ते से 8 से 9 पंचायत के लोग जिला आना-जाना करते हैं . पढ़ाई लिखाई एवं बाजार हाट के लिए भी इसी रास्ते का उपयोग किया जाता है . सीआरपीएफ एवं आरपीएफ के अधिकारी एवं जवान द्वारा कई बार इस रास्ते को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है बार-बार रास्ते को अवरुद्ध करने पहुंच जाते हैं. जिससे ग्रामीण काफी आक्रोशित है. सीनियर डीईएन इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया. समाचार प्रेषण तक स्थिति तनावपूर्ण थी एवं सभी अधिकारी एवं ग्रामीण वहां मौजूद थे.
मौके पर नप अध्यक्ष युगेश बेदिया , वार्ड 10 के पार्षद इन्द्रदेव राम , पार्षद प्रतिनिधि तेजेन्द्र बेदिया , पार्षद गोपाल मुंडा , मोहम्मद रियाज , सुरेश बेदिया , प्रदीप कुमार सोनी , नरेंद्र बेदिया, रवि बेदिया, तबरेज , रामकुमार बेदिया सहीत सैकड़ों ग्रामीण एवं महिलाएं मौजूद थे.
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