JharkhandPalamuRanchi

पलामू: हाल ए विशेष भू अर्जन कार्यालय-नशे में धुत होकर कार्यालय में गिरे मिले प्रधान लिपिक, शराब पीते हुए का वीडियो वायरल

Palamu: बाइपास रोड में स्थित पलामू के विशेष भू अर्जन कार्यालय में कार्यरत प्रधान लिपिक टुनटुन कुमार उपाध्याय हमेशा नशे में ड्यूटी करते हैं. शराब पीकर कार्यालय आते हैं और पूरे दिन नशे में रहकर समय काट देते हैं. उनका नशे में धुत होकर गिरे अवस्था में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जबकि एक वीडियो में प्रधान लिपिक अपने कार्यालय में बैठक शराब की बोतल खोल कर पीते नजर आ रहे हैं.
प्रधान लिपिक के अक्सर शराब पीकर कार्यालय आने के कारण आम लोगों का काम नहीं हो पाता. नतीजा लोग परेशान रहते हैं. आम लोगों के साथ-साथ विशेष भू अर्जन पदाधिकारी निशा तिर्की एवं फील्ड ऑफिसर देवेंद्र यादव की भी परेशानी अपने प्रधान लिपिक से बढी हुई रहती है. कई बार दोनों के बीच तकरार भी हुई है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड प्रशासनिक सेवा से रिटायर्ड संयुक्त सचिव सुधीर कुमार को फिर से मिला एक्सटेंशन

वायरल वीडियो में प्रधान लिपिक टुनटुन कुमार उपाध्याय विशेष भू अर्जन कार्यालय में शराब पीकर गिरे नजर आ रहे हैं. उन्होंने इतनी शराब पी रखी है कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं. कभी कुर्सी पकड़ कर उठने की कोशिश करते हैं तो कभी स्वयं की शक्ति से, लेकिन उनका यह प्रयास लगातार विफल साबित होता है.

इसी तरह एक वायरल वीडियो में खिड़की की ओर से देखने पर प्रधान लिपिक टुनटुन कुमार उपाध्याय शराब की बोतल खोल कर पीते नजर आ रहे हैं. उन्होंने शराब की बोतल अपने कार्यालय कक्ष के टेबल पर रख रखा है.

सूत्रों का कहना है कि प्रधान लिपिक की इस हरकत से विशेष भू अर्जन पदाधिकारी निशा तिर्की अक्सर परेशान रहती है. फाइलों का निपटारा समय से नहीं हो पाता. एक बार प्रधान लिपिक और फील्ड ऑफिसर के बीच भिड़ंत भी हो गई थी. हालांकि सुलह समझौते के बाद इसे समाप्त किया गया.

इस कार्यालय में काम कराने आने वाले लोगों का कहना है कि प्रधान लिपिक टुनटुन उपाध्याय के नशे में रहने के कारण उनकी परेशानी बड़ी रहती है और एक एक काम 15 से 20 दिनों तक नहीं हो पाता.
विशेष भू अर्जन कार्यालय में मुआवजा के लिए पिछले 3 महीने से चक्कर लगा रहे पाटन प्रखंड के करर कला निवासी शैलेश मेहता ने बताया कि उनकी 72 डिसमिल जमीन औरंगा दांयी मुख्य नहर में चली गई है. इसका खाता नंबर 49 एवं प्लॉट नंबर 1155 है. भुगतान के लिए स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती है. 12 लाख में 6 लाख बकाया है. इसके लिए पिछले 14 महीने से वह परेशान हैं.

मामले को लटकाने का आरोप

शैलेश मेहता ने कहा कि उनके मामले को बार-बार लटका दिया जाता है, जबकि अंचल से 5 बार रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन कोई अमल अब तक नहीं किया गया. वर्ष 2007 में उनकी रैयती और बंदोबस्त जमीन का अधिग्रहण किया गया था. रैयती जमीन का भुगतान 6 लाख को चुका है, लेकिन बंदोबस्त जमीन का पेमेंट नहीं हो पा रहा है. आवेदन देने पर आपत्ति का बहाना बनाया जाता है और मामले को लटका दिया जाता है. साथी अंचल में रेफर कर दिया जाता है. अंचल से रिपोर्ट भिजवाने के बाद ही उसका काम नहीं हो पा रहा है. उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त को भी जानकारी दी है. विशेष भू अर्जन पदाधिकारी निशा तिर्की ने फाइल बताने की बात कही है, लेकिन प्रधान लिपिक के नशे में रहने के कारण फाइल निकालने के साथ-साथ कार्य में रुकावट हो रहा है.

Related Articles

Back to top button