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पलामू:20 साल बाद भी जलापूर्ति का ठोस निदान नहीं, वैध से डेढ़ गुणा अधिक अवैध कनेक्शनधारी

Palamu : पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में झारखंड गठन के 20 साल बाद भी जलापूर्ति का ठोस निदान नहीं हो पाया है. यहां पानी की समस्या पर खूब चर्चा होती है. चुनाव के वक्त निगम क्षेत्र में पानी देने के नाम पर वोट बटोरे जाते हैं. लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म होता है, लोग पानी के मुद्दे को भूल जाते हैं. सभी चुनावों में इस हथकंडे को अपनाया जाता रहा है.

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कई तरह की समस्याओं से घिरा है जलापूर्ति केन्द्र

मेदिनीनगर के शहरी क्षेत्र की बात करें तो यहां हमेशा पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है. घर-घर जलापूर्ति सुचारू रूप से नहीं पहुंचने के पीछे कई कारण हैं. कोयल नदी में जलस्तर का कम पड़ना, पंपूकल के ऊपरी भाग में गिराये गये नाले का गंदा पानी और सबसे अहम कारण है, अवैध कनेक्शनधारी.

समस्याएं सामने आने के बाद इनका निदान नहीं हो पाया है और जैसे-तैसे जलापूर्ति की जाती रही है. इन समस्याओं के कारण कभी एक सप्ताह तो कभी एक पखवारा तक जलापूर्ति नहीं हो पाती.

4 हजार हैं वैध, 6 हजार अवैध कनेक्शनधारी

शहरी क्षेत्र में कुल 10 हजार कनेक्शनधारी चिन्हित हैं. इसमें 4 हजार वैध, जबकि 6 हजार अवैध कनेक्शनधारी हैं. चार हजार कनेक्शनधारियों के हिसाब से शहर में 5 पानी के टंकी बनाये गये हैं. एक टंकी से एक हजार से कम कनेक्शनधारियों को पानी देना है, लेकिन अवैध कनेक्शनधारियों की संख्या अधिक रहने के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पाता. साथ ही अवैध कनेक्शनधारी कई जगहों पर बिना फेरूल के पानी कनेक्शन अपने घरों तक ले गये हैं. 70 प्रतिशत लोगों ने अपने घरों में पानी के लिए मोटर लगाया हैं.

कहां-कहां हैं पानी टंकी

स्थानीय बेलवाटिका स्थित पंपूकल से पीएचइडी द्वारा जलापूर्ति कर शहर की पांच पानी टंकियों में पानी पहुंचाया जाता है. उसके बाद पानी वहां से सभी क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है. सहित्य समाज चौक स्थित पानी टंकी से चेयरमैन रोड, नन्दलाल इंस्टीटयूट रोड, कुंड मुहल्ला, पहाड़ी क्षेत्र और आशिंक भाग जेलहाता तक जलापूर्ति होती है.

जिला स्कूल परिसर पानी टंकी से थाना रोड, कन्नी राम चैक, बाजार क्षेत्र, नावाहाता, सद्दीक मंजिल और शिवाजी मैदान एरिया में पानी सप्लाई होती है. बीएन कॉलेज परिसर में पानी टंकी से बीएन कॉलेज क्षेत्र, हमीदगंज, मेजर मोड़ और आंशिक भाग सुदना तक पानी जाता है.

बाइपास रोड पानी टंकी से आबादगंज, बारालोटा, सिंचाई विभाग, गायत्री मंदिर रोड, रेलवे लाइन किनारे आबादगंज और आंशिक भाग सुदना-बैरिया तक पानी पहुंचता है. स्टेशन रोड पानी टंकी से कांदू मुहल्ला, बेलवाटिका, छह मुहान क्षेत्र, जिला स्कूल चैक, नावाहाता, कचहरी क्षेत्र, जेलहाता कियारी, मजिस्ट्रेट लाईन, मेदिनीनगर कारागार तक पानी की सप्लाई की जाती है.

अवैध कनेक्शनधारियों पर नहीं होती ठोस कार्रवाई: पीएचइडी कार्यपालक अभियंता

पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्र में 4 हजार कनेक्शन वैध रूप से हैं. जबकि पानी लेने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा है. 4 हजार कनेक्शन को पानी देने के लिए 5 टंकी काफी हैं.

लेकिन अवैध कनेक्शनधारियों की संख्या अधिक रहने और उनके द्वारा मोटर लगाकर पानी लेने से सभी के घरों तक पहुंच नहीं पाता. कनेक्शन के साथ लगी मोटर हटा दिया जाये तो हर एक घर के साथ-साथ स्टैंड पोस्ट पर भी पानी आने लगेगा.

उन्होंने कहा कि नगर निगम को इसपर कार्रवाई करनी चाहिए. कभी-कभी गर्मियों के दिनों में कार्रवाई की जाती है. लेकिन इसके बाद कार्रवाई शिथिल पड़ जाती है. इसके बाद लोग पुरानी स्थिति में पहुंच जाते हैं.

जिन लोगों ने अवैध कनेक्शन लगाया हैं, उन्हें चिन्हित कर कनेक्शन को वैध करना चाहिए. ऐसा करने पर पानी सभी को मिलेगा. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि गंदे पानी की सप्लाई रोकने के लिए बोरा का बांध बनाया जा रहा है, जिससे नाली के पानी का रूख बदल जाये और स्वच्छ व साफ पानी सप्लाई हो.

10 दिनों से गंदे जल की आपूर्ति, पार्षदों ने स्वच्छ जलापूर्ति की लगायी गुहार

नगर निगम क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है. नगर निगम क्षेत्र के जोन-6 की अध्यक्ष सह वार्ड नम्बर 27 की पार्षद कमर यासमीन, वार्ड नम्बर 11 की पार्षद कविता देवी, वार्ड नम्बर 28 की पार्षद हसबुन निशा और वार्ड नम्बर 21 की पार्षद अंजना देवी ने कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह से गुहार लगायी है कि गंदे पानी की सप्लाई रोका जाये और साफ पानी निगम क्षेत्र को दिया जाये. सभी वार्ड पार्षदों ने पंपू कल का जायजा भी लिया.

वार्ड पार्षदों ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या पानी है. इस पर नगर निगम और पीएचईडी को गंभीरता से लेना चाहिए. गंदे पानी को हमेशा के लिए रोकने के लिए उपाय किया जाना चाहिए. वार्ड पार्षदों ने मांग की है कि नाला का पानी रोकने के लिए सोख्ता बनाया जाये. बोल्डर का बांध बनाया जाये. बांध मजबूत और उंचा बनाया जाये. शहर में जिसने भी अवैध रूप से कनेक्शन लिये हैं, उन सभी पर कार्रवाई की जाए और सभी कनेक्शन को वैध किया जाए. इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.

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