JharkhandLead NewsPalamu

पलामू: नौसैनिक सूरज दुबे का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई के लिए उमड़ा जनसैलाब

Palamu : सैन्य सम्मान के साथ सोमवार की दोपहर नौसैनिक सूरज कुमार दुबे का अंतिम संस्कार किया गया. पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से सटे चैनपुर के पूर्वडीहा स्थित जवान के घर से अंतिम यात्रा निकाली गयी. इसमें लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. घर से 5 किलोमीटर दूर कोयल नदी तट पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया. पिता मिथिलेश दुबे ने मुखाग्नि दी.

इस दौरान सूरज दुबे अमर रहे, सूरज के हत्यारों को फांसी दो जैसे नारे से पूर्वडीहा गूंज उठा. अंतिम यात्रा में झारखंड सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर भी शामिल हुए. बताते चलें कि नौसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में अपराधियों ने जिंदा जला दिया था. शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी.

नहीं हुआ था सूरज का अपहरण: पिता

सूरज दुबे के पिता मिथिलेश दुबे का कहना है कि सूरज का अपहरण नहीं हुआ था. वह दोस्ती में चला गया. सूरज जरूर किसी राज को जानता था. इसके बाद उसे तीन दिनों तक टॉर्चर कर जला कर मारा गया.

उन्होंने कहा कि अपहरण होता तो परिवार के पास पैसे के लिए फोन जरूर आता, लेकिन ऐसा हुआ ही नहीं. मामले को भटकाने के लिए अपहरण की कहानी गढ़ी गयी है. सीबीआई की जांच के बाद ही सच सामने आयेगा.

इसे भी पढ़ेंः CHAMOLI BIG UPDATE : ग्लेशियर टूटने नहीं, तापमान बढ़ने से बर्फ पिघली और आयी आपदा

झारखंड सरकार किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार: मंत्री

मौके पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि गृह सचिव स्तर की वार्ता तमिलनाडु व महाराष्ट्र सरकार के साथ हो रही है. सूरज की हत्या जघन्य अपराध है. इसमें शामिल अपराधियों का जल्द ही पता लगेगा. यदि देर होगी तो राज्य सरकार किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार है.

1400 किलोमीटर दूर ले जाकर हत्या करना आश्चर्यजनक: नामधारी

इधर, तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे सूरज के पार्थिव शरीर गांव लाने के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी कोल्हुआ गांव पहुंचे. सूरज के पिता को ढांढ़स बंधाया.

इंदर सिंह नामधारी ने भी सूरज के 1400 किलोमीटर दूर मुम्बई के पालघर में मिलने पर आश्चर्य जताया है. उन्होंने कहा कि अपहरण के बाद नेवी के जवान को इतनी आसानी से चेन्नई से मुम्बई कैसे कोई लेकर जा सकता है. इसकी मौत की जांच जरूरी है. इसमें देश विरोधी तत्वों का हाथ हो सकता है.

30 जनवरी को वापस ड्यूटी जाते समय हैदराबाद से गायब हुए थे सूरज

बताते चलें कि सूरज की इसी साल मई में शादी होने वाली थी. 15 जनवरी को सगाई हुई और इसके बाद वो ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए कोयम्बटूर जाने के लिए घर से निकले थे. नौसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में जिंदा जला दिया गया.

गंभीर रूप से झुलसे सूरज की 5 फरवरी शनिवार को मुंबई में मौत हो गयी. जांच में पता चला कि उनका चेन्नई से अपहरण कर लिया गया था. उन्हें छोड़ने की एवज में 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गयी थी. परिजनों के मुताबिक सूरज छुट्टी पर घर आये थे.

30 जनवरी को वापस ड्यूटी पर कोयम्बटूर जाने के लिए घर से निकले थे. हालांकि परिजन इसे अपहरण नहीं मान रहे हैं, क्योंकि फिरौती को लेकर उनके पास कोई कॉल नहीं आया.

इसे भी पढ़ेंः जानिये रविचंद्रन अश्विन ने ऐसा कौन सा रिकॉर्ड बनाया जो 114 साल में नहीं बना सका था कोई

नेवी अधिकारियों के प्रति दिखा आक्रोश

सूरज का पार्थिव शव रविवार की रात 11 बजे पूर्वडीहा पहुंच गया था. शव उनके परिजन रांची से लेकर पहुंचे थे. रातभर गांव के मिडिल स्कूल में शव को रखा गया. सुबह 7 बजे शव जवान के घर पहुंच गया था. पूर्वाहन में अंतिम संस्कार की तैयारी थी. शुरू में नेवी के द्वारा बताया गया कि उनकी कंपनी अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होगी.

स्थानीय सीआरपीएफ के जवान राजकीय सम्मान देने के लिए मौके पर जायेंगे, लेकिन सुबह दूरभाष पर शामिल होने की बात कही. लेकिन पूर्वडीहा पहुंचने में नेवी के जवानों और अधिकारियों ने काफी समय लगा दिया. परिजनों का कहना है कि हमेशा लोकेशन और समय को लेकर गलत जानकारी देते रहे.

ऐसे में पहले से नेवी के प्रति गुस्साए ग्रामीणों का देर से मौके पर पहुंचने पर और आक्रोश देखा गया. आरोप है कि नेवी के जवानों के देर से आने के कारण अंतिम यात्रा दोपहर 12 बजे शुरू हुई.

5 किलोमीटर पहुंचने में लगे 2 घंटे

सूरज के घर से अंतिम संस्कार स्थल (कोयल नदी तट) 5 किलोमीटर है, लेकिन इसकी दूरी तय करने में दो घंटे का समय लग गया. दोपहर दो बजे के बाद अंतिम यात्रा कोयल नदी तट पर आकर समाप्त हुई.

इस दौरान पूर्वडीहा की गलियों के गुजरने पर जवान के पार्थिव शव के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा नजर आया. घरों की छत, चाहरदीवारी सहित अन्य उच्चे स्थान लोगों की भीड़ लगी रही.

इसे भी पढ़ेंः राज्य के 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को 10 से 20 फरवरी तक दी जायेगी कृमि मुक्ति की दवा

Related Articles

Back to top button