
Jamshedpur : झारखंड शिक्षा परियोजना पूर्वी सिंहभूम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा अन्य स्कूलों में सामग्री खरीदने के लिए गुरुवार को टेंडर खोलने से पहले निविदा की शर्तों में फेरबदल का आरोप लगते हुए वर्तमान आपूर्तिकर्ताओं ने गुरुवार को जिला शिक्षा विभाग के गेट के सामने धरने पर बैठे . उनका आरोप है कि 18 अक्तूबर को पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से लिखित शिकायत करने के बाद भी बिना जांच के अपने मनचाहे लोगों को टेंडर देने के लिए टेंडर के नियमों में फेरबदल कर के टेंडर को खोला जा रहा है.
पिछले दस साल से कर रहे काम
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग पिछले दस साल से कस्तूरबा गांधी विद्यालय तथा अन्य विद्यालयों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति का काम कर रहे हैं. पहले कोरोना के चलते भारी नुकसान उठाकर विद्यालयों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति की. अब जबकि हालात सुधर रहे हैं, तो बड़े और चहेते कारोबारियों को काम देने के मकसद से टेंडर के नियमों में ही बदलाव कर दिया गया हैं. ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि गणेश भंडार, बीके कॉर्पोरेशन, सूरज अग्रवाल, परवाल ब्रदर्स, कमला इंडस्ट्रीज, श्री बालाजी ट्रेडर्स जैसे छोटे कारोबारी टेंडर की प्रक्रिया में भाग ना ले सकें.
सरायकेला और चाईबासा से अलग नियम पूर्वी सिंहभूम के लिए क्यों
अब सवाल यह उठता है कि जब सरायकेला और पश्चिम सिंहभूम पुराने नियमों से टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गयी है, तो सिर्फ पूर्वी सिंहभूम जिले के टेंडर के लिए अलग शर्तों को रखना इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है
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