
Ranchi: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम) योजना लागू किया गया है. लेकिन कई फर्जी कंपनियां योजना का लाभ दिलाने के नाम फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को धोखा दे रही हैं. फर्जी कंपनियां पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकृत पोर्टल होने का दावा कर रही हैं. ऐसी वेबसाइटें लोगों को धोखा दे रही हैं. फर्जी पंजीकरण पोर्टल के जरिये लाभ उठाने के इच्छुक लोगों से उनके बैंक खाते और दूसरी जानकारियां एकत्रित कर रही हैं. MNRE ने लोगों से फर्जी वेबसाइटों पर पंजीकरण शुल्क देने और सूचना शेयर करने से बचने को कहा है.
www.kusumyojanaonline.in.net है फर्जी वेबसाइट
MNRE ने सूचना जारी करते हुए कहा है कि कुछ वेबसाइटें पीएम-कुसुम योजना के लिए रजिस्टर्ड पोर्टल होने का दावा कर रही हैं. ऐसी वेबसाइटें आम जनता को धोखा दे रही हैं. हाल ही में एक वेबसाइट www.kusumyojanaonline.in.net को ऐसा करते देखा गया है. उसने अवैध तरीके से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकृत पोर्टल होने का दावा किया है. साथ ही WhatsApp और दूसरे माध्यमों के द्वारा भी संभावित लाभार्थियों को भ्रमित कर ठगने की कोशिश की है. ऐसी वेबसाइटों की जानकारी मिलने पर MNRE द्वारा कार्यवाही की जाती है. फर्जी वेबसाइट बनाकर योजना का लाभ दिलाने वालों से बचने के संबंध में MNRE ने पहले भी (18.03.2019, 03.06.2020, 10.07.2020 और पुनः 25.10.2020) विज्ञप्ति जारी की थी. लोगों को ऐसी किसी भी वेबसाइट पर पंजीकरण शुल्क जमा नहीं करने को कहा गया था. वैसे भी MNRE अपनी किसी भी वेबसाइट के माध्यम से योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत नहीं करता है. योजना के बारे में जानकारी के लिये वेबसाइट www.mnre.gov.in की मदद ली जा सकती है.
क्या है कुसुम योजना
कुसुम योजना केंद्र सरकार की योजना है जो 2019 से चलायी जा रहा है. इसके तहत राज्य के किसानों के बीच सोलर पंप बांटा जाता है. योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है. इसके तहत सोलर कृषि पंपों के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करवाना होता है.
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