
Ranchi: हर महिला के अंदर शक्ति है. बस उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता होती है. महिलाओं को चाहिए की, वो अपनी शक्ति को समझें और सही समय में इसका सही प्रयोग करें. उक्त बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की ओर से आयोजित मिशन साहसी के अंतिम प्रदर्शनी के दौरान कही. उन्होंने कहा कि बाल्यवास्था हो, किशोरावस्था या महिला हो हर किसी में अपने स्तर से क्षमता होती है, बस वे इसका उपयोग करें.
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आज की दुनिया में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं रह गया है, जो तकनीक से दूर हो. ऐसे में छात्राएं और महिलाएं तकनीक का उपयोग कर विभिन्न तरीके से अपने आप को सुरक्षित कर सकती हैं. अभिभावकों को भी चाहिए कि वे छात्राओं का मनोबल कभी कमजोर न होने दें, बल्कि उन्हें विभिन्न परिस्थितियों का सामना करने के लिये प्रोत्साहित करें. कार्यक्रम के दौरान राजधानी के सात स्कूलों की छात्राओं ने मार्शल आर्ट प्रदर्शनी दिखायी.
हर कॉलेज में हो प्रशिक्षण

उन्होंने कहा कि कॉलेजों को आदेश दिया गया है कि हर कॉलेज में छात्राओं को कॉलेज स्तर पर मार्शल आर्ट आदि का प्रशिक्षण दिया जायें. जिससे छात्राएं खुद में सशक्त होंगी. साथ ही जब भी असुरक्षा महसूस होगी, वे इसका सामना कर सकती है.
आत्मविश्वास जरूरी
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विपरित परिस्थितियों का सामना करने के लिये आत्मविश्वास काफी जरूरी है. इसके बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी परिस्थिति से पार नहीं पा सकता. महिलाओं के आत्मविश्वास के मायने और अधिक बढ़ जाते है, क्योंकि उन्हें हर क्षेत्र में खुद को साबित करना होता है. ऐसे में यदि महिलाएं को खुद में सशक्त और आत्मविश्वास रखना जरूरी है.
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छात्र संगठन आये आगे
उन्होंने कहा कि छात्राओं को मिशन साहसी के तहत सशक्त बनाने का प्रयास अभाविप ने किया. अन्य छात्र संगठनों को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिये. युवा ही देश ही शक्ति ही. स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं को सशक्त बनाना सराहनीय कार्य है.
अपनी सुरक्षा करना सीखें
शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि बेटियों को यह सीखना होगा कि कैसे अपनी रक्षा करें. वर्तमान समय न उम्र और न ही रिश्ते का ख्याल किया जा रहा है. किसी न किसी तरह बेटियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि खुद की सुरक्षा करना सीखें. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा रिश्तेदारी पर चलती है. पुरूषों को भी यह बात समझनी चाहिए कि महिलाओं को उचित स्थान मिलें. कोई भी महिला अबला नहीं होती, बस जरूरत होती है अपनी ताकत की पहचान सही समय में हो.
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34,000 छात्राओं को किया गया प्रशिक्षित
मिशन साहसी के तहत राज्य भर में लगभग 34,000 छात्राओं को आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण दिया गया. यह मिशन का प्रथम चरण था. जिसमें कक्षा नौ से उपर की कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं को शामिल किया गया. मिशन साहसी का आयोजन राज्य के 17 जिलों में किया गया.




