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एक्शन में रघुवर दासः रेप केस में सुस्त कार्रवाई पर गिरिडीह एसपी को लगाई फटकार, सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट

गुमला डीडीसी को सीएम ने कहा- कॉमन सेंस नहीं है ?

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Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास एकबार फिर एक्शन में नजर आये. और पुलिस-प्रशासन की सुस्ती कार्रवाई पर वो बरसते दिखे. दरअसल, गिरिडीह से रेप पीड़ित एक 16 साल की नाबालिग न्याय की आस में जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंची. जहां उसके परिजनों ने बताया की 14 मई को उसके साथ दुष्कर्म हुआ. पूरे मामले को लेकर थाने में शंकर मंडल नामक शख्स के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. लेकिन 5 महीने बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई. जिस पर सीएम ने गिरिडीह एसपी से सवाल किये.

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गिरिडीह एसपी पर भड़के सीएम

मामले को लेकर जब सीएम ने गिरिडीह एसपी से सवाल किया. तो उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में है और कोर्ट से वारंट निकलने का इंतजार कर रहे है. इस पर मुख्यमंत्री भड़क गए. उन्होंने पूछा कि मामले की चार्ज शॉट दायर की गई या नही. इसपर एसपी ने बताया कि चार्जशीट दायर नहीं हुई है. सीएम ने कहा कि 2 माह में चार्जशीट दर्ज हो जानी चाहिए थी, अगर तुमलोग कार्रवाई नहीं करोगे तो दुष्कर्म की संख्या बढ़ती जाएगी.

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मांगी दुष्कर्म मामले की पूरी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सभी एसपी को आदेश देते हुए कहा कि सभी जिले में रेप के केस की रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाए. इसके अलावा उन केस पर क्या कार्रवाई हुई है, इसकी भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा. एक सप्ताह के अंदर सभी रिपोर्ट गृह सचिव के पास उपलब्ध कराने का आदेश मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिया. उन्होंने गृह सचिव का निर्देशित करते हुए कहा कि दुष्कर्म के मामले पर वे स्वयं 15 नवम्बर के बाद उनके साथ बैठक करेंगे.

सीधी बात में सीएम ने सुनी 22 शिकायतें

मंगलवार को आयोजित सीधी बात में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कुल 22 शिकायतें सुनी एवं उसपर अविलम्ब कार्रवाई करने के आदेश दिए. इन 22 शिकायत में अनुकंपा पर नौकरी, जलमीनार, पेयजल, बिजली विभाग, पेंशन से जुड़े मामले सामने आए. सीएम ने कहा कि सभी जिला प्रशासन का यह दायित्व है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कैसे व्यवस्था को और ज्यादा धारदार बनाया जाए. जिससे कि जनता की समस्याओं का समाधान जल्द-से-जल्द हो सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि फाइल घुमाने के सिस्टम से मोक्ष चाहिये. सभी डीसी अपने-अपने जिले में सप्ताह में दो घंटे सभी शिकायतों का रिव्यू करें, ताकि समस्या का समाधान हो सके. जनता को दौड़ाने का काम न करें.

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लक्ष्मी लाडली योजना का नहीं मिला लाभ

सीधी बात में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे पलामू के निरंजन कुमार बैठा ने बताया कि उन्होंने अपनी 4 वर्षीय पुत्री के नाम वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र सेविका के माध्यम से सीडीपीओ कार्यालय मेदिनीनगर में आवेदन दिया था. लेकिन अबतक इसका लाभ नहीं मिला है. कई बार शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

सुलभ शौचालय नहीं बनाए जाने और गुमला डीडीसी को लगी फटकार

गुमला डीडीसी द्वारा गुमला बस स्टैंड में शौचालय नहीं बनाये जाने पर मुख्यमंत्री ने जमकर फटकार लगाई. सीएम ने कहा कितने दिन से डीडीसी हो? स्वच्छता का पूरे देश मे गुणगान हो रहा है और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर शौचालय नहीं होना बड़े ही दुर्भाग्य की बात है. दरअसल गुमला के पालकोट बस स्टैंड में शौचालय नहीं होने की शिकायत वहां के लोगों ने की थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि पालकोट बस स्टैंड में एक भी सुलभ शौचालय नहीं है. 3 जुलाई 2018 को शौचालय निर्माण का आदेश दिया गया था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ. इस पर सीएम ने डीडीसी को फटकार लगाते हुए कहा कि कॉमन सेंस नहीं है डीडीसी की जिम्मेवारी संभाल रहे हो. साथ ही मुख्यमंत्री ने जल्द ही सुलभ शौचालय निर्माण करने की पहल करने आदेश दिया.

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