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IL & FS संकटः झारखंड में 35 सौ करोड़ की योजनाओं पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल

IL & FS कंपनी कर रही है योजनाओं का क्रियान्वयन, झारखंड में सड़क, बिजली, स्किल डेवलपमेंट और कई योजनाओं का मिला हुआ है काम

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Ranchi: झारखंड सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (IL & FS) को सड़क, बिजली, स्किल डेवलपमेंट समेत कई महत्वपूर्ण कार्य दे रखा है. इन परियोजनाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. कंपनी ने हजारीबाग-रांची एक्सप्रेसवे, झारखंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंप्लीमेंटेशन कंपनी लिमिटेड (जेआईआईसीएल), झारखंड मूरी रोड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, झारखंड रोड प्रोजेक्टस इंप्लीमेंटेशन कंपनी लिमिटेड (जेआरपीआइएल) और झारखंड एक्सीलरेटेड रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) के नाम से अनुषंगी इकाईयां और ज्वांइट वेंचर कंपनी बना रखी है.

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इसमें से झारखंड रोड प्रोजेक्ट्स, हजारीबाग एक्सप्रेस वे और जेएआरडीसीएल घाटे में चल रही है. कंपनी के ऑडिट वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की देनदारियां 2013-14 से बढ़ गयी हैं. 2013-14 में जहां कंपनी की देनदारी 18,145 करोड़ थी, वहीं 2017-18 में बढ़कर 32,811 करोड़ पर पहुंच गयी है. झारखंड में IL & FS की जो अनुषंगी इकाईयां हैं, उनकी संपत्ति 4456.86 करोड़ है. वहीं लायबिलिटी भी 4057.79 करोड़ रुपये है. कंपनी की वित्तीय स्थिति सही नहीं है. इसका प्रमाण ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट है. झारखंड समेत देश के 20 राज्यों में कंपनी आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में काम कर रही है. पिछले पांच वर्षों में कंपनी का नेटवर्थ भी 5504 करोड़ से घट कर 4361 करोड़ पहुंच गया है.

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झारखंड सरकार से IL &FS को दिये गये हैं 3775 करोड़

झारखंड सरकार ने IL &FS को राज्य में आधारभूत संरचना विकास के लिए 3775 करोड़ रुपये दे रखे हैं. एक्सप्रेस वे, रांची रिंग रोड, रांची-मूरी पथ, रांची-पतरातू पथ, सरायकेला-खरसांवां में आदित्यपुर कांड्रा फोर लेन सड़क, कांड्रा से चौका होते हुए चाईबासा तक की फोर लेन सड़क समेत चाईबासा में ग्रामीण विद्युतीकरण का काम भी कंपनी को दिया गया है.

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राज्य के युवाओं की क्षमता संवर्द्धन के लिए भी कंपनी ने अपनी शाखा रांची में खोल रखी है. यहां यह बता दें कि अधिकतर सड़कों की फोर लेनिंग का काम बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर IL &FS को 17.5 वर्षों के लिए दिया गया है. इसमें सड़क निर्माण में लगे ढाई वर्ष की अवधि भी शामिल है. सभी सड़कों का रख-रखाव आईएलएफएस 15 वर्ष तक करेगी. और हजारीबाग-रांची एक्सप्रेसवे, कांड्रा-चौका-चाईबासा पथ पर टॉल ब्रिज के जरिये राजस्व की वसूली भी पथ कर के रूप में करेगी. यहां यह बताते चलें कि कंपनी ने रांची रिंग रोड का काम तो ले लिया, लेकिन इंजीनियरिंग प्रोक्यूरमेंट और कंप्लीशन आधार पर सदभाव इंजीनियरिंग लिमिटेड, जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड तथा एक अन्य कंपनी को दे दिया.

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झारखंड में IL & FS की कंपनियां और उनकी स्थिति

कंपनी की सब्सिडियरी                     कुल संपत्ति                         कुल देनदारियां (घाटा)
का नाम                                        31 मार्च 2018 तक                31 मार्च 2018 तक
जेएआरडीसीएल (जेभी)                        —                                   घाटा-0.14 करोड़
हजारीबाग-रांची एक्सप्रेसवे               980.46 करोड़                        911.35 करोड़, घाटा-22.23 करोड़
जेआरआईपीएल                              2649.21 करोड़                    2350.98 करोड़, घाटा-28.61 करोड़
जेआईआईसीएल                              498.35 करोड़                       404.61 करोड़

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