न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

खदान आवंटन मामले में फंस सकते हैं CS रैंक के साथ दो IFS, जिस फाइल पर खदान की अनुशंसा हुई, वह भी गायब

अफसरों ने एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिये आयरन और खदान आवंटन का ही बदल  दिया था प्रस्ताव

eidbanner
850

Ranchi :  देवघर जमीन भूमि घोटाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब खान आवंटन में सिफारिश मामले में भी नया मोड़ आ गया है. इसमें वर्तमान में एक अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर और भारतीय वन सेवा के सीएफ रैंक के अफसर फंसते नजर आ रहे हैं. इस मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है.  सरकार जांच रिपोर्ट की गंभीरता से मंथन कर रही है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में सरकार इन अफसरों से जल्द ही स्पष्टीकरण भी पूछेगी.

तत्कालीन खान सचिव सह वर्तमान में अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह, खान निदेशक बीबी सिंह, पूर्व निदेशक खान आईडी पासवान, हजारीबाग के उपनिदेशक शंकर सिन्हा.

इसे भी पढ़ें – पाकुड़ः सहायक खनन पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी डीसी नहीं करते कोई कार्रवाई

अफसरों पर क्या है आरोप

अफसरों ने एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिये आयरन और माइंस के आवंटन का प्रस्ताव ही बदल दिया था. बिन्नी और मुकंद कंपनी के लिये खदान की अनुशंसा की गई थी. इसमें सिर्फ बिन्नी आयरन एंड स्टील को ही खदान आवंटित किया गया. मुकंद कंपनी के बारे में कहा गया कि इसका डेवलपमेंट ठीक नहीं है. एक ही दिन में बिन्नी आयरन एंड स्टील को खदान आवंटित कर दिया गया था. वहीं दूसरा आरोप यह भी था कि कंपनी को कैप्टिव माइंस के लिये खदान दिया गया था. नियमत: कैप्टिव माइंस का उपयोग कंपनी सिर्फ अपने कारखाने के लिये ही उपयोग कर सकती है. लेकिन कंपनी ने इसके दायरे से निकलकर आयरन ओर की बिक्री शुरू कर दी.

इसे भी पढ़ें – गैरमजरूआ जमीन को वैध बनाने का चल रहा खेल, राजधानी के पुंदाग में खाता संख्या 383 की काटी जा रही लगान रसीद

Related Posts

लातेहारः SDO सह LRDC जयप्रकाश झा समेत पांच रेवेन्यू अफसरों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़प ली दिव्यांग की राशि

भुसाड़ ग्राम निवासी जंगाली भगत ने टोरी-महुआमिलान नई वीजी रेलवे लाईन निर्माण में स्वीकृत भूमि अधिग्रहण की राशि में हेराफेरी करने का लगाया आरोप

कोहिनूर स्टील का मामला, आज तक नहीं मिली फाइल

वहीं अफसरों और खान विभाग के अफसरों पर कोहिनूर स्टील की फाइल गायब करने का भी आरोप है. कोहिनूर स्टील को आवंटित खदान की फाइल आज तक खान विभाग को नहीं मिली है. जिस फाइल पर खदान की अनुशंसा की गई थी, उसे अब तक खान विभाग खोज रहा है. वहीं अब तक खान विभाग में जितने भी सचिव रहे उनके द्वारा किये गये लीज रिन्यूअल की भी रिपोर्ट तैयार की गई है.

इसे भी पढ़ें – डीसी साहब! इस वीडियो को देखने के बाद भी कहेंगे कि पाकुड़ में नहीं हो रहा है अवैध बालू उठाव

इन बिंदुओं के आधार पर तैयार की गई है रिपोर्ट

बिना फॉरेस्ट क्लीयरेंस अवैध रूप से खनिज निकालने, डिजीटल नक्शा जमा नहीं करने, गलत ढंग से खदानों का लीज नवीनीकरण और कंपनियों द्वारा शर्तों के अनुपालन नहीं करने सहित अन्य बिंदुओं को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की गई है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: