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खदान आवंटन मामले में फंस सकते हैं CS रैंक के साथ दो IFS, जिस फाइल पर खदान की अनुशंसा हुई, वह भी गायब

Ranchi :  देवघर जमीन भूमि घोटाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब खान आवंटन में सिफारिश मामले में भी नया मोड़ आ गया है. इसमें वर्तमान में एक अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर और भारतीय वन सेवा के सीएफ रैंक के अफसर फंसते नजर आ रहे हैं. इस मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है.  सरकार जांच रिपोर्ट की गंभीरता से मंथन कर रही है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में सरकार इन अफसरों से जल्द ही स्पष्टीकरण भी पूछेगी.

तत्कालीन खान सचिव सह वर्तमान में अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह, खान निदेशक बीबी सिंह, पूर्व निदेशक खान आईडी पासवान, हजारीबाग के उपनिदेशक शंकर सिन्हा.

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अफसरों पर क्या है आरोप

अफसरों ने एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिये आयरन और माइंस के आवंटन का प्रस्ताव ही बदल दिया था. बिन्नी और मुकंद कंपनी के लिये खदान की अनुशंसा की गई थी. इसमें सिर्फ बिन्नी आयरन एंड स्टील को ही खदान आवंटित किया गया. मुकंद कंपनी के बारे में कहा गया कि इसका डेवलपमेंट ठीक नहीं है. एक ही दिन में बिन्नी आयरन एंड स्टील को खदान आवंटित कर दिया गया था. वहीं दूसरा आरोप यह भी था कि कंपनी को कैप्टिव माइंस के लिये खदान दिया गया था. नियमत: कैप्टिव माइंस का उपयोग कंपनी सिर्फ अपने कारखाने के लिये ही उपयोग कर सकती है. लेकिन कंपनी ने इसके दायरे से निकलकर आयरन ओर की बिक्री शुरू कर दी.

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कोहिनूर स्टील का मामला, आज तक नहीं मिली फाइल

वहीं अफसरों और खान विभाग के अफसरों पर कोहिनूर स्टील की फाइल गायब करने का भी आरोप है. कोहिनूर स्टील को आवंटित खदान की फाइल आज तक खान विभाग को नहीं मिली है. जिस फाइल पर खदान की अनुशंसा की गई थी, उसे अब तक खान विभाग खोज रहा है. वहीं अब तक खान विभाग में जितने भी सचिव रहे उनके द्वारा किये गये लीज रिन्यूअल की भी रिपोर्ट तैयार की गई है.

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इन बिंदुओं के आधार पर तैयार की गई है रिपोर्ट

बिना फॉरेस्ट क्लीयरेंस अवैध रूप से खनिज निकालने, डिजीटल नक्शा जमा नहीं करने, गलत ढंग से खदानों का लीज नवीनीकरण और कंपनियों द्वारा शर्तों के अनुपालन नहीं करने सहित अन्य बिंदुओं को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की गई है.

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