
Ranchi : ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सहायक महाप्रबंधक सह झारखंड प्रभारी पुलिन पटनायक को तत्काल निलंबित और झारखंड से बाहर भेजे जाने की मांग आम आदमी पार्टी ने की है.
इस संबध में पार्टी की ओर से मंगलवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने बताया कि मीडिया में दिये अपने इंटरव्यू में पुलिन पटनायक ने स्पष्ट कहा कि झारखंड में आर्थिक मंदी का मुख्य कारण सीएनटी एसपीटी एक्ट है.
इस एक्ट के कारण आदिवासियों से लोन की रिकवरी नहीं हो पाती है. उनकी जमीन गिरवी नहीं रख पाते और न ही बैंक बेच पाते हैं. इस इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने सीएनटी एसपीटी में केंद्र सरकार को बदलाव करने की बात भी कहीं.
लक्ष्मी ने पुलिन के इस बयान को झारखंड और आदिवासी विरोधी बताया.
इसे भी पढ़ें : हाल-ए-रिनपास: 5 डॉक्टरों के भरोसे 300 मरीजों की ओपीडी, एक मरीज को दे पाते हैं सिर्फ 7 मिनट
पटनायक को झारखंड में रहने का कोई हक नहीं
लक्ष्मी ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी के कारण ही झारखंड में आदिवासियों की जमीन सुरक्षित है. पुलिन पटनायक को जरा सी भी झारखंड की सभ्यता-संस्कृति की समझ नहीं है. ऐसे अधिकारी को झारखंड में रहने का कोई हक नहीं है.
उन्होंने कहा कि अधिकारी बैंक कर्मी की नहीं बल्कि भाजपा सरकार की बोली बोल रहे हैं. जानबूझ कर राज्य में सीएनटी एसपीटी कानून की प्रासंगिकता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है.
राज्य में आर्थिक मंदी के लिए सीएनटी-एसपीटी कानून को कारण बताना बहुत ही बचकाना और गैरजिम्मेदाराना बयान है.
इसे भी पढ़ें : #GovtTeachers को मिलेंगे तीन चांस, अगर बच्चे नहीं हुए #Up_to_the_mark तो जायेगी नौकरी
राज्य की आर्थिक मंदी की सही जानकारी दें, सीएनटी एसपीटी पर न कहें
प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने कहा कि सीएनटी एसपीटी एक्ट को राज्य में आर्थिक मंदी के लिये जिम्मेवार बताना गलत है. बैंक अधिकारी होने के नाते उन्हें इसकी सही वजहों के बारें मे बात करनी चाहिए.
राज्य में पहले से संचालित कितने कारखाने इस दौरान बंद हो गये. बाजार कंगाली की स्थिति में है. इस बात की चर्चा नहीं की जाती कि विकास के नाम पर आदिवासियों की हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहित हो रही है.
उल्टे उनके संरक्षण में बने कानून को जिम्मेवार बताया जा रहा है. सरकार से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिन पटनायक को तत्काल निलंबित किया जायें.
इस संबध में ओरिएंटल बैंक के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक, झारखंड के राज्यपाल, केंद्रीय वित्त मंत्री तथा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को शिकायत पत्र भेजा जायेगा. इसके बाद भी सरकार ऐसे अधिकारी को पद में रखती है तो आंदोलन किया जायेगा.
इसे भी पढ़ें : सरकार के दुलारे ये #IAS अधिकारी, जो करीब चार साल से जमे हैं एक ही पद पर




