
Paris : ओपेक यानी तेल निर्यातक देशों के संगठन ने रविवार को वैश्विक स्तर पर तेल उत्पादन अनुमान को बढ़ा दिया है. ओपेक ने अमेरिका में उत्पादन बढ़ने की भविष्यवाणी को देखते हुए वैश्विक उत्पादन बढ़ने का अनुमान लगाया है. हालांकि इसके साथ ही ओपेक का खास तौर से विकासशील देशों में शुद्ध मांग में दीर्घकालिक वृद्धि का भी अनुमान है. बता दें कि ओपेक ने अपनी सालाना विश्व तेल परिदृश्य पर जारी की गयी रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया है कि सभी तरह के हाइड्रोकार्बन की वैश्विक आपूर्ति मौजूदा 9.84 करोड़ बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 2023 तक 10.45 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जायेगी. और यह साल 2040 तक 11.19 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जायेगी.
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2035 से 2040 के बीच मांग की वृद्धि में कमी आने का भी अनुमान
जान लें कि ओपेक के ये आंकड़े पिछले साल के आंकड़ों से ज्यादा है. इसमें विशेष तौर से ओपेक समूह से बाहर के देशों में उत्पादन बढ़ने का अनुमान भी शामिल है. खबरों के अनुसार अमेरिका इन देशों में सबसे आगे है, जहां उत्पादन बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार ओपेक उत्पादन समूह से बाहर के देशों में 2023 तक उत्पादन 86 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 6.61 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जायेगा. साथ ही ओपेक ने 2035 से 2040 के बीच मांग की वृद्धि में कमी आने का भी अनुमान जताया है. मौजूदा स्थिति में मांग को बेहतर बताते हुए ओपेक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था में विस्तार के कारण मांग बढ़ रही है.




