
Ranchi: पूरे भारत में मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं अल्जाइमर जैसे गैर संचारी घातक रोगों का प्रसार पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से हुआ है. इन सभी बीमारियों को एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में संचारित नहीं होने की वजह से इन्हें गैर संक्रामक रोग कहा जाता है. इन रोगों के प्रसार का मुख्य कारण तेजी से बदलती जीवन शैली, आहार, व्यवहार एवं आधुनिक तकनीकी पर निर्भरता है. यदि समय रहते लोग सचेत नहीं हुए तो इसके घातक परिणाम का व्यापक असर होगा. उक्त बातें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान विभाग में एक माह के न्यूट्री क्लिनिक कैंप का शुभारंभ करते हुए कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने कही.
कुलपति ने कहा कि शारीरिक क्रियाकलाप हेतु जरुरी उर्जा के लिए आहार एवं पेय पदार्थ आवश्यक है. अस्वस्थकारी, दूषित आहार एवं पेय पदार्थ रोगों का कारण बनता है. शुद्ध आहार पर्याप्त मात्रा में सेवन करके गैर संचारी रोगों से बचा जा सकता है. गैर संचारी रोगों से ग्रसित होने की स्थिति में आहार संबंधी चिकित्सीय परामर्श का पालन करना चाहिए. उन्होंने बैचलर ऑफ़ वोकेशनल (वीवोक) इन ह्यूमन न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छठे सेमेस्टर के छात्र – छात्राओं द्वारा संचालित न्यूट्री क्लिनिक कैंप की पहल की सराहना की और छात्रों का मनोबल बढाया. कुलपति ने राज्य में कुपोषण की गंभीर समस्या और गैर संचारी रोगों के प्रसार को देखते हुए सामुदायिक विज्ञान विभाग को यथाशीघ्र मोबाइल न्यूट्री क्लिनिक हेल्थ सेवा स्थापित करने का निर्देश दिया.
मौके पर वीवोक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों ने कुलपति का वजन, लम्बाई, बीएमआई, उम्र, दैनिक आहार आदि से सबंधित जानकारी प्राप्त की. छात्र दल द्वारा इन जानकारियों का डाटाबेस तैयार कर स्क्रीनिंग किया जायेगा. इसके उपरांत छात्र दल द्वारा आपसी विमर्श के बाद बीएमआई विश्लेषण प्रतिवेदन, व्यक्तिगत पोषण परामर्श और आहार योजना, पोषण मार्गदर्शन और मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि जैसी गैर संचारी बीमारियों से बचाव का परामर्श उपलब्ध कराया जायेगा.
छात्र कुमार उत्कर्ष ने कुलपति को बताया कि लोगों में गैर संचारी रोग दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. बिगड़ते स्वास्थ्य की इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए लोगों को आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक के उद्देश्य से छात्रों द्वारा 16 अगस्त से 15 सितंबर तक न्यूट्री क्लिनिक का निःशुल्क आयोजन किया जा रहा है. छात्राओं में अंकिता, अनुप्रिया एवं आरती ने बताया कि वीवोक पाठ्यक्रम के एक – एक माह के इंटर्नशिप के तहत हेल्थ पॉइंट, बरियातु एवं आर्किड, रांची में उन्हें पोषण, आहार एवं स्वास्थ्य विषयों पर अनेकों व्यावहारिक जानकारियाँ मिली. इंटर्नशिप के अनुभवों और पाठ्यक्रम अध्ययन से मिली जानकारियों के आधार पर ही छात्रों द्वारा एक माह का निः शुल्क न्यूट्री क्लिनिक कैंप शुरू किया गया है. इस कैंप में प्रतिदिन छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय एवं अन्य लोगों को निः शुल्क सेवा उपलब्ध कराया जायेगा.
सामुदायिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रेखा सिन्हा ने बताया कि छठे सेमेस्टर के वीवोक छात्रों द्वारा इस न्यूट्री क्लिनिक का आयोजन 10 क्रेडिट कोर्स के अधीन किया जा रहा है. इस निः शुल्क सेवा के माध्यम से छात्रों को अधिकाधिक व्यावसायिक अनुभव प्राप्त होगा. मौके पर बिंदु शर्मा एवं नीलिका चंद्रा भी मौजूद थे.




