
CHAKRADHARPUR : सावन की तीसरी सोमवारी पर पश्चिमी सिंहभूम के महादेवशाल धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ा. इस दौरान हर ओर बोलबम और हर-हर महादेव के उद्घोष से माहौल गूंजता रहा. नाचते गाते भक्तों की टोली महादेवशाल धाम पहुंचे. इससे पूरा वातावरण धार्मिक भक्तिमय बना रहा. रविवार से ही महादेवशाल धाम जाने के लिए अलग-अलग जगहों से कांवरियों की टोली निकली हुई थी. हालत यह रही कि सड़क से लेकर मंदिर तक कांवरियों की उमड़ी भीड़ ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. लगभग एक लाख से अधिक भक्तों ने सोमवार को जलाभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ के दरबार में माथा टेक मुरादे मांगी. कोई सड़क मार्ग से तो कोई रेल मार्ग से बाबा के दरबार में पहुंचा था.
धार्मिक गीतों पर झूम हजारों शिव भक्त
महादेवशाल धाम पहुंचने का भक्तों का सिलसिला रविवार से ही शुरु हो गया था. इस दौरान बाबा भोलेनाथ के मंदिर परिसर में चक्रधरपुर के प्रीत सेवा संघ की ओर से सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां देर रात भक्तों की भीड़ धार्मिक गीतों पर झूमते रहें. उसके बाद सोमवार की सुबह से ही महादेवशाल मंदिर में पूजा के लिए भक्तों के घुसने का सिलसिला शुरु हो गया, जो देर तक चला. मंदिर के बाहर भक्तों की दो से तीन किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी रही. दिन चढ़ने के साथ भक्तों की यह भीड़ और बढ़ती गई.
30 फीट का त्रिशूल बना आकर्षण का केन्द्र
इस दौरान भक्त अपने अपने तरीके से जल लेकर बाबा के धाम पहुंचे थे. इसमें राउरकेला और चक्रधरपुर समेत आस-पास के क्षेत्रों से त्रिशूल लेकर पहुंचे भक्त भी शामिल रहें. उसी में एक शिव भक्त 30 फीट का त्रिशूल लेकर महादेवशाल धाम की कठिन यात्रा पहुंचा था. वह श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र बना रहा.
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