न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अखबारों में छपी खबर के आधार पर 16 पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज

हिंदीपीढ़ी थाना में एफआइआर दर्ज, 15 मार्च को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की थी बैठक

1,405

Ranchi:  सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और आचार संहिता उल्लंघन के नाम पर रांची जिला के 16 लोगों पर एफआइआर दर्ज कर दिया गया है. हिंदीपीढ़ी थाना में उक्त 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसके लिए राजस्व उप निरीक्षक शहर अंचल विजय कुमार उरांव की ओर से लिखित शिकायत की गयी थी.

जिसमें एक दैनिक अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए लिखा गया है कि बशीर अहमद की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जिसमें संप्रादायिक सौहार्द बिगाड़ने और किसी एक संप्रदाय विशेष को भड़काने जैसी बातें की गयी.

जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है. वहीं इससे किसी खास संप्रदाय के लोगों की भावना को ठेस पहुंच सकती है. इस संबध में हिंदीपीढ़ी थाना प्रभारी ब्रज कुमार ने जानकारी दी कि सभी 16 लोगों पर 17 मार्च को ही एफआइआर हो चुका है. इन लोगों पर धारा 125 आरपी लगायी गयी है.

hosp3

इसे भी पढ़ेंः आप से गठबंधन पर दिल्ली कांग्रेस में दो फाड़, राहुल गांधी पर छोड़ा अंतिम फैसला

क्या है पूरा मामला

हिंदपीढ़ी स्थिति अमन कम्युनिटी हॉल में बशीर अहमद की अध्यक्षता में 15 मार्च को बैठक का आयोजन किया गया था. जिसमें बशीर अहमद समेत अन्य 15 लोग शामिल थे. जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं. इस बैठक में मुख्य रूप से चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों की उपस्थिति और मुस्लिमों के वोट बैंक होने पर चर्चा की गयी थी.

साथ ही स्लम बस्तियों में शिक्षा का प्रसार समेत अन्य मामलों पर भी चर्चा की गयी थी. वहीं थर्ड फ्रंट के आधार पर चुनाव लड़ने की बात भी इस दौरान की गयी थी. 16 मार्च को यह खबर अखबारों में छपी. इसके बाद उक्त 16 लोगों पर एफआइआर किया गया.

इसे भी पढ़ेंः अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड के 19 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी

इन लोगों पर दर्ज की गयी है एफआइआर

इस सूची में बशीर अहमद, आजम अहमद, नदीम खान, बंबर जावेद, हाजी इमरान, रजा अंसारी, लतीफ, मो नौशाद, अब्दुल गफ्फार, डॉ एसएस अहमद, हाफिज जुनैद, नवाब चिश्ती, सोनू, इमाम अहमद और मो शाहिद  शामिल हैं.

इसे भी पढ़ेंः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का गरीबी पर फाइनल वार कहा- गरीबों को देंगे 72 हजार रुपया सालाना

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: