
Ranchi: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव परमेश्वरण अय्यर बुधवार को झारखंड के दौरे पर थे. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की.
मुलाकात के दौरान केंद्र की जल शक्ति योजना के बारे में बताया. मुलाकात के बाद मुख्य सचिव डीके तिवारी के साथ उन्होंने राज्य भर के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की.
बैठक के दौरान उन्होंने राज्य के सभी डीसी को स्वच्छता मिशन के कामों को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया. अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि स्वच्छता मिशन के तहत सॉलिड-लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनज, सेप्टिक टैंक, प्लास्टिक कचरा के निष्पादन के कार्य अगले चरण में होना है.
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दो माह में 6 लाख शौचालय निर्माण को पूर्ण करने का टास्क
श्री अय्यर ने कहा कि अगले दो माह में हमें खुले में शौच को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 6 लाख शौचालयों का निर्माण करना है. इसके लिए प्रतिदिन अलग-अलग जिलों में 900 से 700 के बीच शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर करना होगा, ताकि मार्च तक टारगेट पूरा हो सके.
उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे पूर्ण हो चुके तथा चल रहे शौचालय निर्माण की भौतिक स्थिति को विभाग की साइट पर अपलोड करें, ताकि खर्च के उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर अगले साल की राशि केंद्र सरकार राज्य को दे सके. अभी तक इस मद के 88.36 करोड़ रुपये के खर्च का ब्योरा केंद्र सरकार को नहीं मिल पाया है.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव परमेश्वर अय्यर ने हर घर नल से जल कार्यक्रम में तेजी लाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि नल से जल का राष्ट्रीय औसत 18 प्रतिशत है, जबकि झारखंड का 6.5 प्रतिशत. उन्होंने झारखंड की जंगल-पहाड़ वाली भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक चुनौती है.
उन्होंने राज्य की सोलर एनर्जी से घरों में नल से जल की स्कीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि हर गांव, पंचायत, प्रखंड, जिला के साथ राज्य का प्लान होना चाहिए.
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