HazaribaghJharkhand

एनटीपीसी व सीसीएल की लापरवाहीः डंप यार्ड से लेकर कांटा तक सुलगने लगी है अब आग

Hazaribagh: हज़ारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी सहित चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में इनदिनों धरती सुलगने लगी है. कंपनियों के द्वारा कोयला खनन जिस तेजी से की जा रही है, इसे देखकर लगता है कि वो दिन दूर नहीं जब यहां की हालत भी धनबाद के झरिया या रामगढ के कुजू जैसी हो जायेगी.

जहां धरती के नीचे आग लगी हुई है. हज़ारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी सहित चतरा के आम्रपाली में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिल रहा है.

इसे भी पढ़ेंः कांग्रेस: जिला स्तर के नेता ने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ पार्टी मुख्यालय में की प्रेस कांफ्रेंस

advt

मिट्टी से ढंका जा रहा है आग को

जिला प्रशासन एवं सीसीएल प्रबन्धन इन समस्याओं की अनेदखी कर रहा है. डंप यार्ड से लेकर कांटा घरों तक कोयले में आग लगनी शुरू हो गयी है. कंपनियों की ओर से आग लगे कोयले के ऊपर मिट्टी रख दिया जा रहा है.

जिस पर धोखे से पैर रख कर आम लोग के साथ चालक, उपचालक घायल हो रहे हैं. खनन परियोजना संगठन अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा एवं सदस्यो ने इस ज्वलंत समस्या पर चिंता व्यक्त की है. इस समस्या के समाधान की मांग की है.

इसे भी पढ़ेंः सरायकेला : डायन के नाम पर नौ लोगों की पिटाई, किया गया मुंडन, महिलाओं के नाखून निकाले गये 

मजदूर संगठन हुए उग्र

इधर मजदूर संगठनों ने प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया है कि डंप से लेकर कांटा तक जो आग फैली हुई है उस पर अविलंब काबू के लिए आंदोलन किया जाये. प्रत्येक दिन दो-चार आदमी आग में झुलस रहे हैं.

adv

सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि विस्थापितों के लिए एक नम्बर, दो नम्बर, ग्यारह नम्बर एवं बारह नम्बर कांटा घरों में प्रतिदिन दो हजार टन कोयला दिया जाए. वहीं ट्रक हाइवा छोड़कर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की बात कही.

इसे भी पढ़ेंः बेरमो : नावाडीह के जमीन विवाद में घायल युवक की बीजीएच में मौत

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button