
Rahul Guru
Ranchi : राज्य में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बन कर सामने आ रही है. सरकार के विभिन्न विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए जिन दो एजेंसियों (जेएसएससी और जेपीएससी) को जिम्मेदारी दी गयी है. इन दोनों एजेंसियों ने जितनी नियुक्तियां नहीं की हैं, उससे ज्यादा नियुक्तियां के मामले न्यायालय और सीबीआई के पास विचाराधीन हैं. जेपीएससी की ओर से अब तक जितनी नियुक्तियां की गयी हैं, उनमें से 18 मामले सीबीआई और 22 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं. इसी तरह जेएसएससी के पास से होनेवाली आठ नियुक्तयां भी कोर्ट के चक्कर काट रही है.
राज्य में 8,65,764 रजिस्टर्ड बेरोजगार
राज्य में बेरोजगारी के हालात यह बताते हैं कि यहां बेरोजगारों की फौज तैयार हो रही है. राज्य सरकार के इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज (वेबसाइट https://jharkhandrojgar.nic.in/ ) के आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल राज्य में साढ़े आठ लाख से अधिक बेरोजगार हैं.
ये वो लोग हैं जिन्होने रजिस्टर करा रखा है. वहीं नेशनल सैंपस सर्वे के आंकड़ों को माने तो झारखंड में हर पांच में एक युवा रोजगार की तलाश में भटकते मिलेंगे. इतना ही नहीं राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से डिग्री लेने वालों की भीड़ लग रही है. नेशनल सैंपल सर्वे,नीति आयोग और श्रम नियोजन विभाग के आंकड़ों की गणित बताती है कि हर साल राज्य के विवि और कॉलेजों से निकलने वाले कुल यूजी और पीजी डिग्रीधारियों में स्नातक स्तर पर 53 और स्नातकोत्तर स्तर पर 43 फीसदी स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की नौकरी नहीं मिल पाती है. एनएसएसओ की रिपोर्ट कहती है कि राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अधिक है.
विधानसभा रिपोर्ट में राज्य में सर्वाधिक पुरुष बेरोजगार
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में अप्रैल 2020 में बेरोजगारी दर 47.1% हो गयी है. जबकि राष्ट्रीय औसत 23.5 % है. वहीं झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-2020 की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.1% है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 10.5% है. झारखंड में पुरुषों में बेरोजगारी दर 8.2% है, जबकि महिलाओं की कुल बेरोजगारी दर 5.3% है. जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह क्रमश: 6.2% व 7.5% है. इतना ही नहीं झारखंड में 61.3% लोग स्वरोजगार के क्षेत्र में हैं, जबकि 23.6% अनियमित श्रमिक हैं. 15.1% ही नियमित वेतन पर श्रमिक कार्यरत हैं.
राज्य में एक लाख से अधिक पद रिक्त
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट और विभिन्न विभागों से नियुक्ति के लिए भेजे गये आंकड़ों की माने तो राज्य में लगभग एक लाख से ज्यादा नियमित पद रिक्त हैं. इनमें सबसे अधिक शिक्षा, गृह विभाग में पद रिक्त हैं. स्कूल में जहां 23 हजार शिक्षक, विश्वविद्यालयों में चार हजार से अधिक शिक्षकों व कर्मचारी, जेएसएससी में 13 हजार रिक्तियों के अलावा जेपीएससी की ओर से लगभग 2300 नियुक्तियां होनी हैं.
इसे भी पढेंः देश में पहली बार जनकपुरी पश्चिम से नोएडा बॉटनिकल गार्डन तक चली ड्राइवरलेस मेट्रो




