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नहीं हो रही राज्यस्तरीय सीएसआर परिषद की नियमित बैठकें, जनवरी 2018 के बाद से नहीं हुई मीटिंग

2017-18 में कंपनियों को खर्च करना था 650 करोड़, कुल मुनाफे का दो प्रतिशत राशि कंपनियां देती हैं सीएसआर फंड में

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Deepak

Ranchi: झारखंड में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की राज्य स्तरीय परिषद की नियमित बैठक नहीं होने से कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का पता नहीं चल पा रहा है. परिषद का गठन 31 मार्च 2015 को राज्य सरकार की तरफ से किया गया था. जिसके पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं. कमेटी में मुख्य सचिव, खान एवं भूतत्व सचिव समेत 26 कंपनियों के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है. परिषद की अंतिम बैठक जनवरी 2018 में हुई थी.

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जबकि यह तय किया गया था कि प्रत्येक दो-दो महीने में परिषद की बैठकें होंगी. इन बैठकों के जरिये मध्याह्न भोजन, स्वच्छता अभियान, जलापूर्ति की व्यवस्था, पोषाहार योजना समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की जाती है. यहां यह बताते चलें कि जिला स्तरीय सीएसआर परिषद का भी गठन सभी जिलों में पूरा कर लिया गया है.

2012-13 से खर्च किया जा रहा सीएसआर फंड

सरकार की ही मानें, तो 2012-13 से सीएसआर फंड राज्य में खर्च हो रहा है. 2012-13 में 247 करोड़ खर्च किया गया था. 2015-16 में यह बढ़कर 754 करोड़ हो गया. 2016-17 में परिषद के तय बजट में से 525.64 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. 2017-18 में राज्य सरकार ने 650 करोड़ रुपये सीएसआर परिषद की तरफ से बजट तय किया गया था.

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परिषद में झारखंड की 26 कंपनियां शामिल हैं. इसमें टाटा स्टील, सीसीएल, बीसीसीएल, रूंगटा माइंस लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, डीवीसी, इस्टर्न कोल फील्डस लिमिटेड, ऊषा मार्टिन समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं.

तीन आईटीआई चल रहे हैं सीएसआर फंड से

राज्य सरकार के तीन आईटीआई सीएसआर फंड से संचालित हो रहा हैं. कोडरमा के आईटीआई डोमचांच को डीवीसी संचालित कर रही है. गोड्डा के सिकटिया आईटीआई को ईसीएल और पश्चिम बंगाल के जगन्नाथपुर आईटीआई को टाटा स्टील संचालित कर रहा है. इचाक, बरही, गोला समेत छह अन्य आईटीआई का संचालन करने से निजी कंपनियों ने हाथ खींच लिया. इससे सरकार ने सीएसआर फंड से आईटीआई संचालन के फैसले को वापस ले लिया था. सरकार की तरफ से 31 आईटीआई में कौशल विकास मिशन के जरिये युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना बनायी गयी थी. इसे बाद में ड्रॉप कर दिया गया.

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सीसीएल ने स्वच्छ भारत कोष के लिए दिया है 21.45 करोड़

सीसीएल ने स्वच्छ भारत कोष के लिए 21.45 करोड़ रुपये दिये हैं. कंपनी की तरफ से रांची, हजारीबाग, बोकारो में खराब पड़े शौचालयों को फिर से सुदृढ़ कर शुरू करने के लिए भी सीएसआर फंड से पैसे दिये गये हैं.

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