
Ranchi: केंद्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने झारखंड के उग्रवादी संगठनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एनआइए नक्सलियों से पूछताछ के बाद जंगलों में सर्च कर रही है. नक्सली हमला, टेरर फंडिंग सहित कई मामलों की जांच कर रही है. इतना ही नहीं कई माओवादियों पर इनाम भी घोषित किया है. लड़ाई के मैदान में भी पुलिस बल के साथ एनआइए कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है.
NIA ने उग्रवादियों पर एक से दस लाख तक का इनाम घोषित किया है. कुछ समय पहले एनआइए ने कुछ उग्रवादियों को फरार घोषित किया था. झारखंड में ऐसा पहली बार हुआ है जब एनआइए ने राज्य में सक्रिय उग्रवादी के खिलाफ इनाम घोषित किया हो.
दिनेश गोप के खिलाफ इनाम की घोषणा
एनआइए ने उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के सुप्रीमो दिनेश गोप को वांटेड घोषित करते हुए उसपर पांच लाख रुपये का इनाम रखा है. इससे संबंधित जारी इश्तेहार में एनआइए ने आम जनता से सहयोग भी मांगा है. दिनेश गोप पर पहले से ही झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है.
रविन्द्र गंझू भी निशाने पर
लातेहार में माओवादी सब-जोनल कमांडर रविन्द्र गंझू के भी विरूद्ध NIA का शिकंजा कसना शुरू कर दिया हैं. गंझू की चल संपति को अटैच करने की कवायद आरंभ कर दिया गया है. लातेहार के चंदवा में संपत्ति अटैच करने की तैयारी व दस्तावेज संग्रह करने में भी जुटी है.
इससे पहले सरायकेला में 14 जून 2019 को नक्सली हमले की जांच कर रही एनाआइए ने हार्डकोर नक्सली बोयदा पाहन सहित तीन नक्सली को रिमांड पर लिया है. एनआइए की टीम बोयदा पाहन से पूछताछ के बाद जंगल में छापामारी कर रही है. सरायकेला-खरसांवा जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में पांच पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में भी तीन हार्डकोर नक्सलियों को रिमांड पर लिया है. 14 जून 2019 को तिरुलडीह थाना क्षेत्र में बीच बाजार में पुलिसकर्मियों की हत्या कर हथियार लूटने के आरोपी नक्सलियों के खिलाफ भी एनआइए जांच कर रही है.
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एनआइए टेरर फंडिंग मामले की भी जांच कर रही है. टेरर फंडिंग मामले में व्यवसायियों और नक्सलियों के यहां छापेमारी की जा चुकी है. साल 2018 में पीएलएफआई के कई उग्रवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इन मामलों को दिल्ली स्थित मुख्या2लय में ही दर्ज किया गया था. उग्रवादी फुलेश्वर गोप का पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के साथ काफी करीबी संबंध था. एनआइए ने 6 अन्यल आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने 90 लाख रुपए की संपत्तियों को जब्त भी किया था. एनआइए की तफ्तीश में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि नक्सलियों द्वारा स्थालनीय कारोबारियों से लेवी के तौर पर लाखों-करोड़ों रूपये की वसूली कर उन रुपयों को सफेदपोश के मार्फत कई जगहों पर निवेश करवाया जाता है.
लातेहार के चंदवा में माओवादी हमले में चार पुलिसकर्मियों के मारे जाने के मामले में ठेकेदार संतोष सिंह के आवास को सर्च किया था और लाखों रुपये घर से बरामद हुये थे. जानकारी के अनुसार संतोष सिंह के पुत्र सोनू सिंह पर माओवादियों को फंड मुहैया कराने की जांच भी एनआइए कर रही है. इतना ही नहीं सोनू उर्फ मृत्युंजय सिंह को गिरफ्तार किया है.
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एनआइए ने गिरफ्तार नक्सली नैना उर्फ बिरसा बिरहोर उर्फ बिरसा मुंडा की निशानदेही पर खूंटी जिले के कोरंगबुरु पहाड़ी के घने जंगलों की तलाशी के दौरान विस्फोटक में यूज होने वाला 1000 मीटर तार और 15 किलोग्राम वजन का 126 जिलेटिन छड़ बरामद किया था. एनआइए के मुताबिक, सीपीआई माओवादी इस विस्फोटक का प्रयोग सुरक्षा बलों के खिलाफ करने वाले थे. इसी मकसद से विस्फोटक को घने जंगलों में छुपाया गया था.




