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कोयलांचल में चल रहे लिंकेज कोयले के अवैध कारोबार को लेकर NIA कर रही है छापेमारी

Saurav Singh

Ranchi: चतरा, लातेहार, हजारीबाग और रांची के खलारी क्षेत्र में चल रहे लिंकेज कोयले के अवैध कारोबार को लेकर एनआइए छापेमारी कर रही है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोयलांचल के इस क्षेत्र में एनआइए के द्वारा लिंकेज के अवैध कोयले से लदे ट्रक को पकड़ा जा रहा है. हालांकि इस छापेमारी को लेकर एनआइए ने कोई भी पुष्टि नहीं की है.

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वीवीके व जेपी वीणा कंपनी के लिंकेज कोयला में हेरफेर की सूचना पर हो रही छापेमारी

जानकारी के अनुसार वीवीके और जेपी वीणा कंपनी के लिंकेज कोयला में हेरफेर की सूचना मिलने के बाद एनआइए के द्वारा कोयलांचल में छापेमारी की जा रही है. अब तक कोयलांचल में एनआइए ने कई लिंकेज के अवैध कोयले लदे ट्रक को जब्त किया है.

एनआइए को लगातार लिंकेज कोयला में हेरफेर की सूचना मिल रही थी. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए एनआइए ने छापेमारी शुरू की है. कोयलांचल में छापेमारी करके एनआइए ने कई अवैध लदे ट्रक को जब्त किया है.

वीवीके और जेपी वीणा कंपनी को चतरा, लातेहार, हजारीबाग और रांची के खलारी क्षेत्र में संचालित हो रहे कोल परियोजना से हर महीने लिंकेज कोयला का आवंटन होता है.

इस बारे में बताया जा रहा है कि यह कोयला कंपनी न पहुंचकर कोयला मंडी पहुंच रहा है. इस कारोबार से जुड़े कारोबारी कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. इस तरह की सूचना मिलने के बाद एनआइए ने छापेमारी अभियान चलाया है. हालांकि इस कार्रवाई को लेकर अब तक कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.

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जानिए कैसे होता है लिंकेज कोयले का अवैध कारोबार

लिंकेज कोयला का हर माह आवंटन होता है. सब्सिडाइज्ड दर पर उन्हें कोयला देने का मकसद यह है कि स्थानीय छोटी कंपनियों को मदद मिल सके और लोगों को रोजगार मिल सके. लेकिन जिन्हें भी लिंकेज कोयला मिलता है, वह फैक्टरी को चलाते ही नहीं हैं या फिर उसे बनारस व डेहरी की मंडियों में ले जाकर बेच देते हैं.

इसकी शिकायत मिलने पर साल 2016 में प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर लिंकेज कोयला के प्रावधान को खत्म कर दिया गया था. लेकिन करीब छह माह से इसे फिर से शुरू कर दिया गया है.

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लिंकेज से कोयला रजिस्टर्ड फर्म के प्लाटों पर डंप किया जाता है

लिंकेज से कोयला रजिस्टर्ड फर्म के प्लाटों पर डंप किया जाता है. अवैध कारोबारियों ने फर्जी फर्म बना ली है. ये कोयला माफिया अपने फर्म के नाम से रजिस्टर्ड प्लाट में लिंकेज का कोयला डंप करवाते हैं, जिसकी बाजार में कीमत अधिक होती है. कई बार इस कोयले के एवज में घटिया कोयला सप्लाई कर दिया जाता है. जिससे ये कारोबारी कम समय में कई गुना मुनाफा कमाते हैं.

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