
Chhapra: बिहार एटीएस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी NIA ने मढ़ौरा थाना क्षेत्र के देव बहुआरा पट्टी गांव से गुरुवार को नियामुद्दीन वहिदा खातून के 19 वर्षीय बेटे अरमान को गिरफ्तार किया है. जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करता था. इससे पहले भी 16 फरवरी को एनआईए की टीम इसी गांव के दो भाइयों जावेद और मुश्ताक को इसी मामले में गिरफ्तार कर चुकी है.
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गिरफ्तार किए गए युवक का आतंकियों से कनेक्शन होने की बात सामने आई है. अरमान की गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में छपरा व्यवहार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां कोर्ट ने चार दिनों की ट्रांजिट रिमांड दे दी. एनआईए उसे लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई है. वहां से उसे जम्मू ले जाया जाएगा. पूरा मामला जम्मू के आतंकियों को हथियारों की सप्लाई से जुड़ा है.
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गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह 9 बजे के आसपास पुलिस टीम ने में सोए अवस्था में अरमान की गिरफ्तारी की इसके बाद टीम ने पूरे घर की तलाशी ली. इस दौरान पुलिस को कुछ भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली. महिला पुलिस के साथ पहुंची एनआईए की टीम ने अरमान के दो मोबाइल समेत परिजनों के भी मोबाइल को जप्त कर लिया. जब परिजन मढ़ौरा थाना पहुंचे तो वहां परिजनों के मोबाइल और अरमान का भी एक छोटा हैंडसेट वाला मोबाइल लौटा दिया. अरमान का एंड्रॉयड स्मार्टफोन फोन पुलिस अपने साथ लेकर गई है.
बता दें कि फरवरी में जम्मू के डीजीपी दिलबाग सिंह ने इसका पर्दाफाश किया था जिसके बाद 16 फरवरी को हथियार आपूर्ति के आरोप में मढ़ौरा के देव बहुआरा पट्टी गांव से एनआईए ने रिटायर्ड शिक्षक के पुत्र जावेद को गिरफ्तार किया था. इसके पहले चंडीगढ़ में पढ़ने वाले जावेद के भाई मुश्ताक की भी इसमें संलिप्तता पाई गई थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था.
जावेद ने बताया था कि दो माह पूर्व उसने गांव के ही युवक अरमान को एक बैग संभावित ठिकाने पर पहुंचाने के लिए दिया था. इसके बाद से ही एनआईए व बिहार एटीएस की टीम अरमान की तलाश में जुट गई थी. फिलहाल इस पूरे मामले पर जिले के पुलिस के वरीय अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं.




