
Ranchi: प्रदेश भाजपा की टीम मंगलवार को बालूमाथ प्रखंड (लातेहार) के सेरेगडा पंचायत के मननडीह गांव गयी. 18 सितंबर को करमा पर्व के विसर्जन के दौरान वहां 7 बच्चियां डूब कर जान गंवा बैठी थी. प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के दिशा निर्देश पर भाजपा एससी मोर्चा ने मृतकों के परिजनों से भेंट की. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने इस दौरान कहा कि लातेहार हादसा आम घटना नहीं है. इस घटना के पीछे कई लोग हैं. जिस तरह से यह घटना हुई है, उससे लगता है कि इसमें कोई षड्यंत्र है.
जांच में पता चलता है कि किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा गड्ढे तैयार किए गए. जिला प्रशासन और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को अविलंब दस लाख रुपये मुआवजा दे. घटना की न्यायिक जांच करे.
दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हो. रेलवे द्वारा किए गए गड्ढे को अविलंब भरा जाए. प्रतिनिधिमंडल में सिमरिया विधायक सिमरिया किशुन दास, कांके विधायक समरी लाल, पलामू के पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम, पूर्व विधायक हरे कृष्ण सिंह, जयप्रकाश भोक्ता सहित अन्य भी शामिल थे.
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10 दिनों में भी जांच रिपोर्ट नहीं
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 18 सितंबर को हादसा हुआ. इसके बाद लातेहार डीसी ने मौखिक रूप से एक जांच कमेटी तैयार कर मामले की जांच करने की बात कही. अब 10 दिन गुजर जाने के बाद भी किसी भी प्रकार की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है. ना ही कोई अधिकारी इस मामले पर जनप्रतिनिधियों से बात कर रहे हैं.
रेलवे द्वारा विकास के नाम पर खोदा गया गड्ढा किसी विशेष समुदाय, व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है. सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से चार लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की गयी थी जो कहीं से भी उचित नहीं है.
इस घटना के बाद अभी तक मुख्यमंत्री के तरफ से कोई बयान नहीं आया है. होना यह चाहिए था कि सीएम स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते.
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इस घटना की चर्चा आज पूरे देश में हो रही है. घटना के कुछ दिनों बाद लातेहार उपायुक्त का विवादित बयान भी इस मामले को अलग मोड़ देता नजर आ रहा है.
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की को फोन पर कही बातों से यह लगता है कि जिला प्रशासन इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास कर रहा है.
पीड़ित परिवारों से बात करते हुए बाउरी ने आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी एक परिवार की तरह उनके साथ खड़ी है. इस लड़ाई में वह जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार और अनुसूचित जाति आयोग को भी हस्तक्षेप करने का आग्रह करेंगे.
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