
Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन से लगभग 90 ट्रेनों का परिचालन शुरू हो चुका है. ऐसे में जाहिर है कि पैसेंजर्स भी काफी संख्या में पहुंचने लगे है. इसके बावजूद रेलवे ने बचाव के लिए किए गये इंतजाम की अनदेखी कर दी है. जिससे कि पैसेंजर्स की रेगुलर स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है और न ही हाइजीन का ध्यान रखा जा रहा है.
वहीं टिकट की चेकिंग भी मैनुअली की जा रही है. जिससे कि स्टाफ डायरेक्ट पैसेंजर्स के कांटैक्ट में आ रहे है. अगर यहीं स्थिति रही तो पैसेंजर्स के साथ रेलवे स्टाफ भी कोरोना की चपेट में आ जाएंगे. बताते चलें कि स्टेशन पर लगी यह मशीन शोपीस बनकर रह गयी है.
इसे भी पढ़ेंः ब्रिटेन में Oxford / AstraZeneca का कोविड रोधी टीका लगवाने वालों में से 7 लोगों की मौत
बिना स्क्रीनिंग के जा रहे पैसेंजर
कोविड जब पिक पर था तो रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाईं. जिससे काफी संख्या में बाहर में फंसे हुए मजदूर और स्टूडेंट्स को उनके घर तक लाने का काम किया गया. इस दौरान पैसेंजर्स की काफी भीड़ हो रही थी. यह देखते हुए स्टेशन पर टिकट चेकिंग कम स्क्रीनिंग मशीन लगायी गयी.
जिससे कि कोई भी स्टाफ पैसेंजर्स के डायरेक्ट कांटैक्ट में न आए और उनका टिकट चेक हो जाये. साथ ही बॉडी का टेंपरेचर भी मापा जाये. लेकिन कुछ दिनों के बाद ही इसे बंद कर दिया गया है. जिससे पैसेंजर्स बिना स्क्रीनिंग के ही स्टेशन पर पहुंच रहे है.
इसे भी पढ़ेंः Chhattisgarh News: शहीद जवानों के हथियार ले भागे नक्सली, जूते-कपड़े तक को भी नहीं छोड़ा
पेडल बेस्ट हैंड वॉश हो गयी बंद
स्टेशन के बाहर पेडल बेस्ड हैंड वाशिंग की व्यवस्था की गयी थी. जहां बिना हाथ लगाए ही हैंडवॉश और पानी पैसेजर्स के लिए अवेलेवल था. अब जब कोरोना पिक पर है तो इसे स्टेशन के बाहर से हटा दिया गया है. जबकि काफी संख्या में पैसेंजर्स सुबह से रात तक राजधानी से आना-जाना कर रहे है.
इसके अलावा वहां पर रेलवे के अधिकारी, स्टाफ, आरपीएफ के जवान भी घूम रहे हैं. लेकिन उनके लिए कहीं भी सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं की गयी है. जिससे समझा जा सकता है कि कैसे रेलवे कोरोना पैंडेमिक में भी ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है. जबकि इस रवैये के कारण रेल के अधिकारी से लेकर स्टाफ व पैसेंजर्स को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस संबंध में रांची डिवीजन के एसपीआरओ देवराज बनर्जी से बात की गयी तो उन्होंने कहा, “हमलोग पैसेंजर्स की मैनुअल स्क्रीनिंग कर रहे हैं. बिना मास्क के इंट्री पर रोक है. आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल भी कलेक्ट किए जा रहे है. जहां तक आटोमैटिक चेकिंग मशीन की बात है तो पहले पैसेंजर्स कम थे.
तब मशीन के सामने जाकर लोग टिकट चेक करा लेते थे. उसी से स्क्रीनिंग भी हो जाती थी. अब पैसेंजर्स काफी बढ़ गये है तो मशीन से चेक कर पाना संभव नहीं है. फिर भी मैं इसे चालू कराता हूं ताकि पैसेंजर्स और स्टाफ को दिक्कत न हो.”
इसे भी पढ़ेंः D-Mart के फाउंडर राधाकिशन दमानी ने खरीदा देश में अब तक का सबसे महंगा घर, कीमत जान हो जायेंगे हैरान




