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धरती को बचाने के लिए सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से जीवनशैली को अपनाने की जरूरत: बादल पत्रलेख

Ranchi: कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि हमें धरती को बचाने के लिए सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता है. मिशन लाइफ सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदार बनाता है. मंत्री श्री बादल आज विश्व पर्यावरण दिवस-2023 के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ का संदेश यह है कि लोगों द्वारा किए गए छोटे कार्य भी समाज को नई दिशा दे सकते हैं. झारखंड सरकार राज्य में पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है. कार्यक्रम में आम जन-जीवन में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को अपनाने पर बल दिया गया. मौके पर मिशन लाइफ के अभियान से जुड़ी पुस्तिका का भी विमोचन किया गया.

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वन विभाग बेहतर पर्यावरण के लिए प्रयत्नशील: डॉ संजय

वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. संजय ने कहा, ‘मिशन लाइफ के रूप में वैश्विक पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. इसके तहत व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए छोटे कदमों पर खास बल दिया गया है. मिशन लाइफ अभियान को व्यापक जन-समर्थन मिला है. वन विभाग बेहतर पर्यावरण के लिए अभियान की गतिविधियों को निरंतर जारी रखेगा.

सततशीलता के सिद्धांतों और मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकताः शशिकर सामंता

इस अवसर पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष शशिकर सामंता ने कहा कि ‘यदि हम प्रदूषण-मुक्त एवं खुशहाल समाज की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो हमें अपने जीवन में सततशीलता के सिद्धांतों और मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है. मिशन लाइफ नागरिक जुड़ाव और सामूहिक जिम्मेदारियों पर जोर देता है. हम सभी स्टेकहोल्डर्स को बेहतर पर्यावरण और समाज के लिए योगदान करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे.

स्वस्थ जीवन शैली का अनुसरण हम सभी का लक्ष्य होः वाईके दास

बदलाव लाने में सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव वाईके ने कहा कि जिस पर्यावरण में हम रहते हैं, उसे संरक्षित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. बेहतर पर्यावरण और समृद्ध समाज बनाने के लिए स्वस्थ जीवन शैली का अनुसरण हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए. सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हम पर्यावरणीय मुद्दों पर जन-जागरूकता फैलाने के लिए अधिकाधिक कदम उठाएंगे.

प्रकृति ही हमारा असली घरः रमापति

सीड के सीईओ रमापति कुमार ने कहा कि प्रकृति ही हमारा असली घर है, इसलिए हमारा यह दायित्व है कि इसके संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास करें. हमें स्थानीय स्तर पर जलवायु-अनुकूल पारंपरिक एवं सामाजिक मानदंडों को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. उन्होंने बताया कि सीड डाटा और विज्ञान के व्यापक उपयोग से जन-जागरूकता को बढ़ावा देने में सरकारी विभागों एवं एजेंसियों को निरंतर सहायता प्रदान करता रहेगा.

तकनीकी सत्र में राज्य में वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में राज्य में वायु गुणवत्ता प्रबंधन, प्रबंधन के बेस्ट प्रैक्टिसेज और समाधानों के बारे में चर्चा की गई, जिसमें डॉ मनीष कुमार, (डायरेक्टर, रिसर्च और डेवलपमेंट, सीड), राजीव कुमार (एसोसिएट प्रोफेसर, बीआईटी मेसरा) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, टाटा स्टील और अन्य संस्थानों के प्रमुख प्रतिनिधियों की भागीदारी रही. कार्यक्रम में पर्यावरणविदों, ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं को पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रयास के लिए सम्मानित किया गया. मिशन लाइफ अभियान को राज्य के सिविल सोसाइटी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, महिलाओं और युवा समूहों और नागरिकों द्वारा व्यापक रूप से समर्थन दिया गया है.

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