
Ranchi: राजधानी के बुढ़मू और खलारी थाना क्षेत्र में उग्रवादी मोहन यादव का दस्ता लेवी के लिए वाहनों में आग लगाने की घटनाओं को अंजाम दे रहा है. बताया जा रहा है कि मोहन यादव ने लंबे समय तक पीएलएफआइ में रहने के बाद खुद का गिरोह बना लिया है. मोहन यादव का दस्ता बुढ़मू और खलारी थाना क्षेत्र में ठेकेदारों, कोयला व्यापारियों और कारोबारियों से लेवी वसूलता है. लेवी नहीं देने पर वाहनों में आगजनी और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैलाने का काम करता है.
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कौन है उग्रवादी मोहन यादव
जानकारी के अनुसार उग्रवादी मोहन यादव पहले पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन के लिए काम करता था, लेकिन उसने पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन छोड़ कर अपना संगठन बना लिया है. उसका सहयोगी पीएलएफआइ छोड़ चुका एरिया कमाडर कृष्णा है. कृष्णा के साथ मोहन यादव, मोहन महतो सहित अन्य उग्रवादी इस संगठन से जुड़ गये हैं. ये सभी संगठन बना कर लेवी वसूलते हैं.
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लेवी वसूलने पर ज्यादा जोर दे रहे उग्रवादी संगठन
झारखंड में सक्रिय उग्रवादी संगठन लेवी वसूलने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. इन उग्रवादी संगठनों का लेवी वसूलना मुख्य पेशा बन गया है. सड़क निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार, ईंट भट्ठा व्यापारी, कोयला कारोबारी और व्यवसायियों से उग्रवादी संगठनों के द्वारा लेवी वसूली जाती है. लेवी के पैसे से बड़े उग्रवादी अपनी संपत्ति बना रहे हैं, वहीं अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में भी पढ़ा रहे हैं.
पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में बच निकला मोहन यादव
बुढ़मू व खलारी इलाके में सक्रिय हार्डकोर उग्रवादी मोहन यादव के दस्ते से रविवार की रात पुलिस की मुठभेड़ हो गयी थी. हालांकि मोहन यादव पुलिस की गोलियों से बच कर भाग निकला. बुढ़मू के कोयजाम जंगल में मोहन यादव दस्ता के उग्रवादियों के जुटने की सूचना पुलिस को मिली थी. मोहन यादव का दस्ता एक व्यवसायी से लेवी लेने के लिए पहुंचा था. इसी दौरान पुलिस और मोहन यादव के दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी.
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