JharkhandLead NewsRanchi

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रमः टीकाकरण में पिछड़ रहे जिलों पर विभाग की नजर टेढ़ी, लिया जाएगा एक्शन

Ranchi: दूसरे राज्यों की तरह झारखंड में भी राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NACDP) संचालित हो रहा है. इसके तहत मवेशियों में FMD और Brucellosis टीकाकरण किया जाना है. पर एकाध जिलों को छोड़ दिया जाए तो राज्य के करीब करीब सभी जिलों में इसे लेकर उदासीनता की स्थिति है. 12248061 मवेशियों का टीकाकरण किया जाना है पर अब तक (5 फरवरी 2023) तक चौबीसों जिलों में इस लक्ष्य का महज 20.1 फीसदी ही हासिल किया जा सका है. पिछले दिनों केंद्र सरकार के अलावा कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीख पी और पशुपालन निदेशक ने इसे लेकर अपनी नाराजगी भी जतायी थी. विभागीय स्तर से लगभग सभी जिलों के जिला पशुपालन पदाधिकारी (डीवीओ) को 1 फरवरी को लेटर जारी करते एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.

अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव

जिलों के पशुपालन अधिकारी का टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने में लगातार विफल रहने पर कृषि विभाग ने स्पष्टीकरण की मांग करते कहा है कि लापरवाही बरतने वालों के मामले में इसे विभागीय निदेश की अवहेलना मानी जायेगी. साथ ही इसे विभागीय कार्य में लापरवाही का केस भी समझा जायेगा. ऐसी स्थिति में प्रपत्र-क में आरोप पत्र गठित किए जाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ किये जाने की बात कही गयी है. इसके बाद से टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने में पीछे चल रहे पशुपालन पदाधिकारियों में बेचैनी है. लक्ष्य को हासिल किये जाने की चुनौती के अलावे अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की चिंता भी उनके सामने खड़ी हो गयी है.

किन जिलों में क्या हाल

गौरतलब है कि कृषि, पशुपालन विभाग, झारखंड की ओर से चौबीसों जिलों को केंद्रीय योजना राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण कार्य का लक्ष्य दिया गया था. जेएसआईए, झारखंड के सीईओ द्वारा दिए गये लक्ष्य को दिसंबर 2022 तक सभी जिलों को हर हाल में शत-प्रतिशत हासिल किये जाने को कहा गया था. पर ऐसा नहीं होने पर दिसंबर 2022 में फिर से निदेश दिया गया कि 16 जनवरी 2023 तक विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें. ऐसा नहीं होने पर और FMD out of Break होने पर संबंधित जिला पशुपालन पदाधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे.

इसके बाद 1 फरवरी को विभागीय समीक्षा में देखा गया कि कई जिलों में 5 फरवरी तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में स्थिति बदतर है. गढ़वा में तो 775702 मवेशियों की तुलना में 2 फीसदी (1.79 प्रतिशत) का भी टीकाकरण नहीं हुआ है. पलामू (4.16 प्रतिशत), कोडरमा (7.07 प्रतिशत) और चतरा (7.30 प्रतिशत) की स्थिति भी अच्छी नहीं है. पाकुड़ में 457632 मवेशियों की तुलना में 95.84 प्रतिशत का टीकाकरण हो गया है पर इसके अलावे जितने भी जिले हैं, उनमें 50 फीसदी भी टीकाकरण का कार्य पूरा अब तक (5 फरवरी) तक नहीं किया जा सका है.

इसे भी पढ़ें: हाईकोर्ट ने रतन हाईट्स बिल्डिंग के मामले में रांची डीसी को बनाया प्रतिवादी

Related Articles

Back to top button