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झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए सरकार और सीसीएल के बीच 2015 में हुआ था एमओयू, अब तक नहीं बना

  • Amit Jha

Ranchi : राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का इंतजार जारी है. राज्य सरकार औऱ सीसीएल (जेएसएसपीएस) को मिल कर इसे तैयार करना है. इसके लिए दोनों के बीच जून, 2015 में एमओयू हुआ था. इसके हिसाब से 2019 तक यूनिवर्सिटी को धरातल पर उतारा जाना था. पर अब 2020 भी बीतने को है. अब भी यह पता नहीं कि इस पर जमीनी काम कब से शुरू होगा.

सरकार औऱ सीसीएल के बीच इसके लिए कागजी कोरम जारी है. इधर यूनिवर्सिटी से कैरियर संवारने की आस लगानेवाले स्टूडेंट्स और खिलाड़ी लगातार निराश हो रहे हैं.

हालांकि सीएम हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों खेल विभाग की समीक्षा के दौरान इस विषय को देखा है. उम्मीद की जा रही है कि यूनिवर्सिटी शुरू करने की दिशा में कुछ गुड न्यूज आय़े.

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2011 से जारी है प्रयास

राज्य में 2011 में 34वें नेशनल गेम्स का आयोजन होटवार, रांची में हुआ था. वहां इंटरनेशनल क्वालिटी के 9 स्टेडियम और अन्य आधारभूत संरचनाएं तैयार की गयी थीं. इसके बाद से इसके समुचित उपयोग के लिहाज से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी औऱ स्पोर्ट्स एकेडमी शुरू किये जाने की योजना सरकार के स्तर पर बनी.

इस क्रम में 2015 में रघुवर दास की सरकार के समय सीसीएल औऱ राज्य सरकार के बीच एमओयू हुआ. इसके अनुसार 2018-19 में खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत होनी थी. साथ ही होटवार में स्पोर्ट्स एकेडमी भी शुरू करनी थी.

इस आधार पर जेएसएसपीएस (सीसीएल) ने एकेडमी 2016-17 से चलानी शुरू कर दी. हालांकि शर्तों के हिसाब से दो साल के भीतर 15 खेलों में एकेडमी शुरू करनी थी. 3 सालों के भीतर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी शुरू किये जाने की बात थी. पर दोनों काम अब तक अधूरे हैं.

10 खेलों में स्पोर्ट्स एकेडमी संचालित हो रही है. बाकी 5 खेलों के लिए जेएसएसपीएस का टारगेट 2021-22 से एकेडमी शुरू करने का है. यूनिवर्सिटी के लिए जमीन तय करने औऱ दूसरे कामों के लिए सरकार के साथ कागजी कोरम जारी है.

कहां तक पहुंचा है मामला

2018-19 में खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत होनी थी. राज्यपाल सह कुलाधिपति के पास खेल विश्वविद्यालय का बजट प्रस्ताव दो साल पहले (मार्च 2018) भेजा गया था. उसे मंजूरी भी दे दी गयी थी.

तत्कालीन खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी ने उम्मीद जतायी थी कि बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही खेल विश्वविद्यालय का कार्य पूरा किया जायेगा ताकि 2018-19 के सत्र से बच्चों की पढ़ाई शुरू की जा सके. पर इसके बावजूद यह काम अब तक अटका ही रह गया है.

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10 एकड़ में यूनिवर्सिटी

सीसीएल के अनुसार होटवार में 10 एकड़ जमीन पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनायी जानी है. इसके लिए सरकार की ओर से जमीन फाइनल करके इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किये जाने की बात है. जमीन चयन होने के बाद प्राइवेट पार्टी से इसके लिए डीपीआर बनाया जायेगा.

इसके रख-रखाव और अन्य जिम्मेदारियों में सीसीएल की भागीदारी होगी. शुरुआत में 10 खेलों में पीजी तक की डिग्री स्टूडेंट्स को मिलेगी. कोर्स में मुख्य रूप से योग, फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस प्रमुख रूप से शामिल किये जाने हैं.

झारखंडी स्टूडेंट्स को पढ़ाई में 50 फीसदी तक अनुदान दिये जाने का प्रावधान है. फिलहाल जमीन ही तय नहीं की जा सकी है. वैसे खेल विभाग के अनुसार होटवार में उपलब्ध संसाधनों के साथ ही यूनिवर्सिटी शुरू करायी जा सकती है. तत्काल स्टेडियम परिसर का ही उपयोग पढ़ाई के लिए किया जायेगा. समय के साथ और काम होते रहेंगे.

यूनिवर्सिटी के लिए जारी है पहल

खेल निदेशक जीशान कमर के अनुसार यूनिवर्सिटी का होना कई लिहाज से लाभकारी होगा. इस दिशा में सरकार भी गंभीर है. लगातार इस दिशा में प्रयास जारी है कि जल्दी से जल्दी इस पर अमल हो. इसके लिए कोर्स और अन्य बिंदुओं को तय करने में साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) औऱ अन्य से भी सहयोग लिया जा रहा है.

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