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मोस्ट वांटेड रहे कुंदन पाहन के पिता का दावा: हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से बचाई थी भगवान बिरसा मुंडा के भाई की जान

कुंदन पाहन के पिता नारायण पाहन और चाचा तड़कन पाहन ने सुनाई पूरी कहानी

Ranchi:  झारखंड के मोस्ट वांटेड रहे कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई में भगवान बिरसा मुंडा का साथ दिया था. ये कहना है कुंदन पाहन के पिता नारायण पाहन और चाचा तड़कन पाहन का. नारायण पाहन बताते हैं कि हमारे पूर्वज बोटंग पाहन ने अंग्रेजों से भगवान बिरसा मुंडा के भाई कानू मुंडा की जान बचाई थी. यही नहीं कुंदन पाहन के पूर्वज बोटंग पाहन ने अपनी बेटी की शादी भी कानू मुंडा से कराई थी. बोटांग पाहन ने कानू को रहने को घर और खेती करने को जमीन भी दी थी. यह जमीन 1932 के खतियान में कानू मुंडा के नाम हुई. 1906 खतियान में उक्त जमीन बोटांग पाहन के नाम पर ही थी.

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क्या है कानू मुंडा के बारीगड़ा में बसने की कहानी

कुंदन के पिता और चाचा बताते हैं कि 9 जनवरी 1900 को डोम्बारीबुरू में अंग्रेजों द्वारा अंधाधुंध गोलियां चलाकर लगभग 400 आदिवासियों को मौत के घाट उतार दिया था. डोम्बारीबुरू से बचकर बिरसा मुंडा के भाई कानू मुंडा निकल गये थे और बारीगड़ा पहुंच गये. बारीगड़ा में कुंदन पाहन के पूर्वज बोटांग पाहन और उनके भतीजों मांगला पाहन, बुधू पाहन, सुखलाल पाहन, नारायण पाहन आदि ने कानू मुंडा को अपने घर में रखा. दिन में वे कानू मुंडा को जंगलों और गुफाओं में छुपाकर रखते थे. अंग्रेज सिपाही कानू मुंडा को ढुंढ़ने बारीगड़ा जाते थे, लेकिन वे कानू मुंडा को ढुंढ़ नहीं पाते थे. बाद में कुंदन पाहन के पूर्वज बोटांग पाहन ने अपनी बेटी से कानू की शादी करा दी. इसके साथ ही रहने को घर और खेती करने के लिए जमीन भी दी थी. जिसके बदौलत उन्होंने अपनी जिंदगी की नयी शुरूआत बारीगड़ा में की थी.

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बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा बनाने की मांग

कुंदन पाहन के पिता नारायण पाहन बताते हैं कि कानू मुंडा के सुखराम मुंडा और उनके पुत्र जंगल मुंडा, कानू मुंडा, राम मुंडा दस साल पहले तक बारीगड़ा में रहने के बाद उलिहातु में रहने लगे हैं. सुखराम मुंडा अपने पूरे परिवार के साथ बारीगड़ा में ही थे. जिसके बाद वे वापस अपने पैतृक गांव उलिहातु चले गए. सुखराम मुंडा का पुराना घर टुट चुका है. अब वे सरकार से उलिहातु में एक नया पक्का मकान बनाने की मांग कर रहे हैं. वहीं गांव के लोग बारीगड़ा में बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा बनाने की भी मांग कर रहे हैं.

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