
Ranchi: झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर आज 41 वे दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए रहे. नेताओं ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक कोई भी कर्मी वापस नहीं लौटेगा. ग्रामीण विकास मंत्री इरफान अंसारी ने मीडिया में जो बयान दिया है कि मनरेगा कर्मी मेरे भाई है और इनका मैं मानदेय बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर कलम पटक कर, कलम तोड़ कर प्रस्ताव पारित कर दिया है, इसका संघ पुरजोर खंडन करती हैं और इसका विरोध करती है. प्रदेश अध्यक्ष जॉन बागे ने कहा कि 41 दिन के हड़ताल के बाद भी विभागीय मंत्री ने विधिवत वार्ता के लिए प्रयास नहीं किया है और अपने मन से प्रस्ताव पारित कर बयान दे रहे हैं. उचित तो यही है कि संघ से वार्ता करे और मांगों पर सहमती बने. बता दें कि पंचायत सचिवालय तक मनरेगा कर्मी कार्यरत हैं. इनको दो विभागों में विभाजित किया गया है. जिला से ऊपर सभी कर्मी को ग्रेड पे दिया जाता है. प्रखंड से नीचे सभी को अल्प मानदेय दिया जाता है. सभी को मनरेगा योजना के व्यय राशि के 6% प्रशासनिक मद से मानदेय भुगतान किया जाता है.




