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झारखंड में तीन रुपये बढ़ी मनरेगा मजदूरी, 2019-20 के लिए जारी की गयी नयी दर

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Ranchi : राज्य में मनरेगा मजदूरी दर 2019-20 में तीन रुपये बढ़ाया गया है. पिछले साल के मुकाबले सिर्फ एक पैसे की बढ़ोतरी की गयी थी. राज्य के मनरेगा मजदूरों को अब 171 रुपये दिये जाएंगे. राज्य में न्यूनतम मजदूरी दर भी 239 रुपये है.

देशभर के मनरेगा के आंकड़ों के मुताबिक, प्रति वर्ष सालाना दैनिक मजदूरी दस रुपये तक बढ़ता है, लेकिन उस लिहाज से झारखंड में हर साल सिर्फ 1 रुपये के औसत से ही बढ़ोतरी होती है. झारखंड में अभी 24 लाख एक्टीव मनरेगा मजदूर हैं.

वहीं झारखंड के साथ ही बिहार के मनरेगा मजदूरों की हालत भी पस्त ही है. बिहार में मजदूरी दर 2 रुपये प्रतिदिन बढ़ाया गया है. देश के विभिन्न राज्यों में मनरेगा मजदूरी एक रुपये से लेकर 17 रुपये तक बढ़ी है.

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औसतन 10 रुपये भत्ता बढ़ता है प्रतिवर्ष, झारखंड में एक रुपया

देशभर के मनरेगा के आंकड़ों के मुताबिक, सालाना दस रुपया दैनिक भत्ता बढ़ता है. लेकिन झारखंड में पिछले साल के आंकड़े को देखें तो सिर्फ एक पैसा ही बढ़ा था. 2016-2017, 2017 -2018  के आंकड़ों के हिसाब से भी एक रुपया ही भत्ता बढ़ा था.

बिहार के मनरेगा मजदूरों की स्थिति भी झारखंड के जैसी ही है. वहीं  पिछले चार सालों में बिहार में मनरेगा मजदूरों की दैनिक भत्ते में सिर्फ 16 पैसे की बढ़ोतरी हुई है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि दैनिक भत्ते के कम होने की वजह से मजदूर मनरेगा योजना के तहत काम नहीं करना चाहते हैं.

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राज्य की न्यूनतम मजदूरी 239 रुपये, मनरेगा से मिलेगा 171 रुपया

राज्य के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 239 रुपये है. वहीं राज्य के मनरेगा मजदूरों को 167 रुपये दिये जाते हैं. नए दर के हिसाब से अब 171 रुपये मजदूरी दिये जाएंगे.

राज्य के मजदूरों को करीब 69 रुपये कम मिलेंगे. इस मामले को लेकर मनरेगा मजदूर कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला. देशभर के एवरेज आय के मुकाबले राज्य के मनरेगा मजदूरों को दस रुपये कम मिलते हैं.

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झारखंड के मनरेगा मजदूरों के साथ अन्याय हुआ : जेम्स हेरेंज

झारखंड नरेगा वॉच के जेम्स हेरेंज का कहना है कि ये झारखंड के मनरेगा मजदूरों के साथ अन्याय हुआ है. जहां एक तरफ लगातार सभी जरुरत की चीजें महंगी हो रही हैं.

वहीं दूसरी तरफ मनरेगा मजदूरों की मजदूरी कभी एक पैसे कभी एक रुपया और अब तीन रुपया बढ़ाया गया है. सरकार के इस रवैये से राज्य के युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है.

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