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#6thJpsc पर मंत्री बादल पत्रलेख ने CM को लिखा पत्र, कहा – अनियमितता पर मिली शिकायत पर लें संज्ञान

  • अभ्यर्थियों का एक गुट परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर है आंदोलनरत, सीएम तक पहुंचाना चाहते है अपनी बात
  • इसके पहले सत्ता पक्ष के दो विधायक (बंधु तिर्की और दशरथ गगरई) ने भी सीएम हेमंत सोरेन को लिखा है पत्र

Ranchi : 6th जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित तौर पर धांधली को लेकर हजारों अभ्यर्थिथी पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं. अभ्यर्थियों के एक गुट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से न्याय की उम्मीद रखी है. इसके अलावा आंदोलनरत अभ्यर्थी सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं से मिलकर भी अपनी बातों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने को प्रयासरत हैं.

सत्ता पक्ष से जुड़े दो विधायकों (मांडर से बंधु तिर्की और खरसावां से दशरथ गगरई) ने पहले ही जेपीएससी मुद्दे पर सीएम को पत्र लिख चुके हैं. अब इस कड़ी में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर सिविल सेवा परीक्षा मुद्दे पर सीएम का ध्यान आकर्षित कराया है.

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सत्यता की जांच कर सीएम करें नियमानुसार कार्रवाई : बादल पत्रलेख

कृषि मंत्री ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि जेपीएससी परीक्षा में कथित तौर पर धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी अनिल पन्ना और विजय गगरई ने उन्हें एक आवेदन दिया है.

Minister Badal Patralekh wrote a letter to CM on 6thJpsc Said take cognizance of the complaint received on irregularity
6th JPSC को लेकर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख द्वारा सीएम हेमंत सोरेन को लिखा गया पत्र

आवेदन में जेपीएससी 6th सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में हुई अनियमितता का जिक्र किया है. ऐसे में छात्रों के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री से उनका अनुरोध है कि सत्यता की जांच करते हुए वे प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करें.

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मंत्री को दिये आवेदन में धांधली का है जिक्र

कृषि मंत्री को दिये आवेदन में अभ्यर्थियों ने कहा है कि 6th जेपीएससी मुख्य परीक्षा में जारी रिजल्ट में विज्ञापन की पूरी तरह से अनदेखी की गयी है. विज्ञापन में क्वालीफाइंग पेपर-1 (हिंदी और अंग्रेजी) के मार्क्स को भी मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में जोड़ा गया है, जो कि विज्ञापन की पूरी तरह से अवहेलना करता है.

सिविल सेवा के लिए गठित वी.एस दुबे कमेटी की रिपोर्ट के बाद जेपीएससी ने वर्ष 2013 को निर्णय लिया था कि मुख्य परीक्षा का प्रश्न पहला पत्र क्वालीफाइंग होगा. इस पेपर में अभ्यर्थियों को मिले प्राप्तांक को मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा. बीपीएससी और यूपीएससी जैसी संस्थाएं भी क्वालीफाइंग अंकों को मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ती हे.

इसी तरह मुख्य परीक्षा के क्वालीफाइंग पेपर-1 में सभी वर्गों के लिए 30% मार्क्स और अन्य सभी अनिवार्य पेपर (II, III, IV, V, और VI) में जेनरल वर्ग के लिए 40%, बीसी -1 के लिए 34%, बीसी-2 के लिए 36.5 % और एससी-एसटी के लिए न्यूनतम 32% अंक लाना अनिवार्य किया गया है.

लेकिन मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में जो भी अभ्यर्थी पेपर – 1 में 30% से कम अंक प्राप्त किये हैं, उन्हें असफल घोषित कर दिया गया. लेकिन पेपर II, III, IV, V, और VI में न्यूनतम अंक से भी कम अंक लाने वाले कई अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया, जेपीएससी का यह कदम हाईकोर्ट के आदेश का सीधे तौर पर उल्लंघन करता है.

क्या कहना है आवेदन देने वाले अभ्यर्थी का

कृषि मंत्री को पत्र देने वाले अभ्यर्थी अनिल पन्ना का कहना है कि 6TH जेपीएससी परीक्षा में आयोग ने विज्ञापन के उलट जाकर फाइनल रिजल्ट जारी किया है. सभी अभ्यर्थी मुख्यमंत्री तक कथित तौर पर हुई धांधली की बात रखना चाहते हैं. इस संदर्भ में उन्होंने बादल पत्रलेख को आवेदन दिया है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए वे बहुत जल्द ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे.

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