
Ranchi: चिलचिलाती धूप व गर्मी से मानव ही नहीं पशु-पक्षी भी हलकान हो रहे हैं. ऐसे में रांची स्थित बिरसा जैविक उद्यान के जानवरों को गर्मी से बचाने के जतन शुरू हो गए हैं. शेर-बाघ समेत अन्य जानवरों के लिए पंखे-कूलर और खस की टटि्टयां तो लगायी गयी हैं. उद्यान प्रशासन ने जानवरों के खानपान में भी विशेष परिवर्तन किया है. शाकाहारी पशुओं को भोजन में खीरा, ककड़ी व तरबूज आदि दिए जा रहे हैं. इसके साथ ही सभी जानवरों को डी-हाइड्रेशन से बचाने के लिए पानी के साथ ग्लूकोन डी दिया जा रहा है. इतना ही नहीं मांसाहारी पशुओं को ठंड की तुलना में कम भोजन दिया जा रहा है. इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि जानवर लू की चपेट में ना आएं.
हाथी टब में कर रहे हैं अठखेलियां, मांसाहारी जानवरों के केज में ठंडक के लिये नमी रखी जा रही है
अप्रैल माह में बढ़ती गर्मी को देखते हुए उद्यान प्रशासन ने हाथियों के केज में एक बड़ा टब बनवा दिया है. टब के भरे पानी में उद्यान की हाथी अटखेलिया कर मस्ती कर रहे हैं. वहीं, बाघ व बाघिन, भालू, साहिल के बाहर के केज में पुआल, जूट बोरा को भींगा कर टांग दिया गया है ताकि, उन्हें ठंडक लगे. ठंडक के लिए केज में नमी रखी जा रही है. लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है. जैविक उद्यान के पशु चिकितसक डॉ ओपी साहू ने बताया गया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए उद्यान कर्मियों को उद्यान के सभी पशु-पक्षियों पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है.
बिरसा जैविक उद्यान का मुख्य आकर्षण
बिरसा जैविक उद्यान का मुख्य आकर्षण वहां की हरियाली तो है ही साथ ही वहां बसे जीवजंतु हैं, जो 83 हेक्टेयर में बसे है. इनमें हाथी Elephant ,सांभर Sambhar, नील गाय Blue Bull ,कोटरा Barking Deer ,कृष्ण मृग Black Buck ,चीतल Spotted Deer के अलावा सांप घर Snake House दरियाईघोड़ा Hippopotamus ,मगरमच्छ Crocodile ,घड़ियाल Alligator ,बन्दर Monkey ,लकड़बग्घा Hyaena, सियार Jackal ,लोमड़ी Fox , शेर Lion,जंगली बिल्ली Wild Cat ,तेन्दुआ बिल्ली leopard Cat, साहिल Porcupine ,तेंदुआ leopard ,बाघ Tiger ,शुतुरमुर्ग Ostrich को देखने के लिए लोगों और बच्चों में उत्साह और उमंग भरी रहती है. इसके अलावा बिरसा जैविक उद्यान में लोग नौका विहार Boating का भी लुत्फ उठा सकते हैं.
भगवान बिरसा जैविक उद्यान की विशेषताए
-यह पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में विकसित किया गया है.
-जानवरों को एक दूसरे से इस प्रकार अलग रखा गया है कि वह स्वच्छंद होकर रहें.
-यहां 1400 से अधिक वन्यजीव-पक्षी हैं.
-यह 104 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैला है.
-यहां 83 प्रजाति के जीव-जन्तु हैं.




