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बुंडू मुखिया निहारिका की सदस्यता रद्द होने का खतरा, मिली शिकायत पर अब SDO ने बुलाया कोर्ट

Ranchi: बुंडू पेटरवार (बोकारो) मुखिया निहारिका सुकृति की सदस्यता रद्द होने की आशंका बन रही है. उन पर पिछले वर्ष 2022 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान जमा किये गये शपथ पत्र में सूचनाओं को छिपाने का आरोप है. खासकर बड़ोदरा कोर्ट (गुजरात) में एक मुकदमा लंबित होने और उस पर जारी सुनवाई को लेकर सूचनाओं को जाहिर नहीं किये जाने का आरोप है. चुनाव में दूसरे और तीसरे स्थान पर रही क्रमशः पुष्पा कुमारी और रिंकी कुमारी जायसवाल ने पंचायती राज प्रावधान के तहत क्राइम और वित्तीय मामलों में सूचनाएं छिपाए जाने की शिकायत के साथ मुखिया की सदस्यता रद्द किये जाने की शिकायत एसडीओ कोर्ट, बेरमो, तेनुघाट (अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी, तेनुघाट) में की थी. अब कोर्ट से मुखिया को 3 मार्च को अपराह्न 1 बजे उपस्थित होने को कहा गया है.

क्या है कोर्ट का ऑर्डर

एसडीओ कोर्ट द्वारा मुखिया को जारी नोटिस में कहा गया है कि उनके द्वारा पंचायत चुनाव 2022 के दौरान शपथ पत्र में मुकदमा लंबित होने तथा मुकदमा से संबंधित मामले के कॉलम में मुकदमा का जिक्र नहीं कर उस कॉलम में N.A लिखा गया है. नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथ पत्र में चल अचल संपत्ति का विवरण गलत दिया गया है जबकि वे मेसर्स मनभावन इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर थीं. मुखिया के पति अनेक फर्म के व्यवसायी हैं. किंतु शपथ पत्र में परिसंपत्ति का कोई उल्लेख नहीं किया गया है. गलत जानकारी दिए जाने के कारण मुखिया की उम्मीदवारी गलत बताते हुए बुंडू ग्राम पंचायत के मुखिया पद से निर्वाचन रद्द करने और पदच्यूत करने का अनुरोध किया गया है. वे 3 मार्च को एसडीओ के पास अपना जवाब दायर करें.

एसडीओ अनंत कुमार ने जारी नोटिस को कंफर्म करते बताया कि पंचायती राज प्रावधान के तहत किसी प्रतिनिधि के बारे में शिकायत मिलने पर जवाब दायर करने का मौका दिया जाता है. बुंडू मुखिया के खिलाफ शिकायत फाइल हुई है. मुखिया को 3 मार्च को बुलाया गया है. इसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

क्या कहता है एक्ट

पंचायती राज एक्ट की धारा 151 के मुताबिक ग्राम पंचायत के मामले में निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ एसडीओ के पास चैलेंज किया जा सकता है. प्राप्त अर्जी की जांच या उसका निपटारा सक्षम पदाधिकारी करेंगे. 152 (उप धारा 2) के मुताबिक निर्वाचित उम्मीदवार ने यदि कोई भ्रष्ट आचरण किया हो तो उसकी सदस्यता रद्द किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. विहित प्राधिकारी निर्वाचित उम्मीदवार के भ्रष्ट आचरण पर उचित कदम उठाएगा.

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