
New Delhi : जम्मू-कश्मीर की पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि तालिबान पर उनके बयान को जानबूझकर विकृत किया जा रहा है और गलत तरीके से उसका इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि मुसलमानों से हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि वह साबित करें कि वे हिंसा के साथ नहीं हैं. दरअसल महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा था कि तालिबान अब एक हकीकत बन चुका है.
इसे भी पढ़ें :टैक्सपेयर्स को राहत, अब 31 दिसंबर 2021 होगी ITR भरने भरने की आखिरी तारीख
उन्होंने कहा था कि तालिबान को ‘असली शरिया’ कानून के तहत अफगानिस्तान पर शासन करना चाहिए. उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पहले की छवि मानवता और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ थी.
महबूबा ने कहा कि अगर तालिबानी अफगानिस्तान पर शासन करना चाहते हैं, तो उन्हें वास्तविक शरिया नियमों का पालन करना चाहिए. इन टिप्पणियों के कारण मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनकी बहुत आलोचना हुई.




