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#MedantaHospital 500 रुपये में मिलने वाले प्लेटलेट्स के वसूल रहा 950 रुपये

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Ranchi: राज्य में मरीजों को मिलने वाले खून, प्लेटलेट्स, पैक्ड सेल्स सभी की कीमत निर्धारित है. पर राजधानी के निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के जारी गाइडलाइन को नहीं मान रहे हैं.

रांची का मेदांता अस्पताल 500 रुपये में मिलने वाले प्लेटलेट्स के बदले मरीजों से 950 रुपये वसूल रहा है.

रिम्स में प्लेटेसलेट्स के बदले कोई पैसा नहीं लिया जाता. वहीं निजी ब्लड बैंकों में स्वास्थ्य विभाग के आदेश के मुताबिक 500 रुपये लिये जाने हैं.

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नाको सपोर्टेड और नॉन नाको सपोर्टेड ब्लड बैंक में भी एक तय कीमत है. लेकिन मेदांता अस्पताल इसके बदले मरीजों से दोगुने पैसे की वसूली कर रहा है.

मेडिका के एक मरीज को मेदांता से प्लेटलेट्स लाने को कहा गया. छह यूनिट प्लेटलेट्स के बदले मरीज के परिजन से 5700 रुपये वसूले गये. मतलब एक मरीज से 2700 रुपये अधिक की वसूली की गयी.

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स्वास्थ्य विभाग के आदेश को नहीं मानते निजी ब्लड बैंक

राज्य में सभी ब्लड बैंकों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लड के लिए निर्धारित दर दी गयी है. कोई भी ब्लड बैंक उससे अधिक पैसे की वसूली नहीं कर सकता. ऐसा करने पर ब्लड बैंक का लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है या फिर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

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पर किसी भी ब्लड बैंक को सरकार के इस आदेश की परवाह नहीं है. हॉल ब्लड और पैक्ड सेल के लिए अधिकतम 1020, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा के लिए 400 प्लेटलेट कंसंट्रेशन के लिए 500 रुपये तक ही लिये जा सकते हैं.

पर राज्य के कई निजी ब्लड बैंक दो से तीन गुना तक की वसूली कर रहे हैं. सरकार इन निजी ब्लड बैंक पर नकेल कसने में नाकाम हैं.

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ब्लड के बदले नहीं मांगा जाना है डोनर, पर अब तक लागू नहीं की जा सकी व्यवस्था

राज्य का कोई भी अस्पताल मरीज के परिजन से ब्लड अरेंज करने के लिए नहीं कह सकता. सभी अस्पतालों को अपने मरीज के लिए खून की व्यवस्था खुद से करनी है. वे खून के बदले वे डोनर की मांग नहीं कर सकते हैं.

पर अब तक राज्य में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं की जा सकी है. सभी अस्पतालों को निर्देश है कि उनके यहां जरूरत पड़ने वाले खून की संख्या का एक औसत आंकड़ा तैयार किया जाये जिसके बाद ब्लड बैंक से मिलकर उतने ब्लड अरेंज कर रखा दिया जाये.

ताकि इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को परेशानी न हो. पर मरीजों के परिजनों से अब भी ब्लड डोनर लाने को कहा जा रहा है.

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