
ASHOK KUMAR
Jamshedpur : साउथ इस्टर्न रेलवे की जीएम अर्चना जोशी ने सोमवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के कई स्टेशनों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्हें रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जे की भी शिकायत मिली थी. इसके बाद उन्होंने मंडल के डीआरएम को अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है. आदेश का पालन रेल अधिकारी कहां तक करेंगे. इसका खुलासा तो आने वाले दिनों में ही होगा.
टाटानगर से डंगुवापोसी तक है कब्जा
रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जा सिर्फ टाटानगर रेलवे कॉलोनी पर ही नहीं है बल्कि डांगुवापोसी व अन्य जगहों की भी हालत एक जैसी ही है. इसकी जानकारी सभी रेल अधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों को भी है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक किसी तरह की पहल नहीं की गई है.

दबंगों व ठेकेदारों ने जमाया है कब्जा
रेलवे क्वार्टरों पर सिर्फ रेलवे के ठेकेदारों ने ही कब्जा नहीं किया है, बल्कि इलाके के दबंगों ने भी कब्जा रखा है. दबंगों के बारे में कोई कुछ बोल नहीं सकता है. स्थानीय अधिकारी जान-बूझकर उनपर हाथ नहीं डालना चाहते हैं.
रेलवे ट्रॉफिक कॉलोनी में थानेदार का है कब्जा
बागबेड़ा में इसके पहले जो थानेदार थे उन्होंने रेलवे ट्रॉफिक कॉलोनी में ही रेलवे क्वार्टर को कब्जा रखा था. यह मामला तब सामने आया था, जब बागबेड़ा के पंचायत समिति सदस्य जितेंद्र यादव ने इसकी शिकायत डीआरएम विजय कुमार साहू से की थी. बावजूद इस रेलवे क्वार्टर पर अवैध कब्जा अब भी बरकरार है.

रेलवे क्वार्टर कमेटी की बैठक में उठता है मुद्दा
रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जा करने का मुद्दा सिर्फ रेलवे क्वार्टर कमेटी की बैठक में ही उठाने का काम किया जाता है. हालाकि बैठक में रेल अधिकारी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन उनकी ओर से किसी तरह की पहल तक नहीं की जाती है.
रेल कर्मचारियों के लिए क्वार्टर नहीं
टाटानगर की बात करें तो जो कर्मचारी यहां पर काम कर रहे हैं. उन्हें भी अब क्वार्टर नसीब नहीं हो रहा है. वे संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर परेशान हो गए हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. वे मजबूरन निजी क्वार्टर में रहने को विवश हैं.
मेंस कांग्रेस ने पीएनएम में उठाया था मुद्दा : शशि मिश्रा
मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने न्यूज विंग के साथ बातचीत में बताया कि उनकी ओर से एक माह पूर्व हुई पीएनएम में रेलवे क्वार्टर पर अवैध कब्जा का मुद्दा उठाया गया था. बैठक में डीआरएम से लेकर आरपीएफ कमांडेंट तक मौजूद थे. तब कमांडेंट ने ही कहा था कि दूसरे दिन से ही फोर्स मंगाकर इस दिशा में पहल की जाएगी. आज पूरे एक माह बीत गए हैं, बावजूद पहल नहीं की गई है. टाटानगर में भी रेलवे क्वार्टरों पर कब्जा है, जिसे मुक्त कराने की जरूरत है. साथ ही खाली पड़ी जमीन को घेराबंदी करने की भी सलाह शशि मिश्रा ने रेल अधिकारियों को दी है.
1722 रेल कर्मचारी में 950 क्वार्टर : सुभाष मजुमदार
डंगुवापोसी मेंस कांग्रेस के सचिव सुभाष मजुमदार ने कहा है डंगुवापोसी में कुल 1722 रेल कर्मचारी हैं, लेकिन क्वार्टर की संख्या 950 है. यहां पर तो कुछ रेल कर्मचारी क्वार्टर को लेकर उसे किराया पर लगाए हुए हैं. जिन्हें क्वार्टर की जरूरत है उन्हें नहीं मिल रही है. जिसे क्वार्टर की जरूरत है उनके लिए आवेदन को अधिकारियों तक पहुंचाने पर वे हस्ताक्षर करना भी मुनासीब नहीं समझते हैं. एक क्वार्टर में 4-5 रेल कर्मचारी भेड़-बकरी की तरह रहने को विवश हैं. रेलवे क्वार्टरों से अवैध कब्जा हटना ही चाहिए.
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