
Ranchi : राज्य में बीएड पास उम्मीदवारों को शिक्षक बनने की योग्यता देने के लिए झारखंड टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट(जेटेट) लिया जाता है. यह टेस्ट झारखंड कंबाइंड एग्जामिनेशन बोर्ड की ओर से लिया जाता है. लेकिन झारखंड बनने के बाद दो बार ही टेट परीक्षा हुई है. अंतिम परीक्षा तीन साल पहले 2016 में हुई.
वर्ष 2010 में एनसीटीई द्वारा रेगुलेशन जारी होने के बाद अब तक 19 परीक्षा होनी थी. लेकिन टेट की नयी नियमावली बन जाने के बाद भी उम्मीदवार तीन साल से तीसरे टेट परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि जैक की मानें तो तीसरे टेट की तैयारियां पूरी हैं. बोर्ड परीक्षाओं के बाद इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है.
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साल 2013 में 66364 और 2016 में 52848 उम्मीदवार हुए थे सफल
झारखंड में अब तक साल 2013 और साल 2016 में टेट हुआ है. 2013 में आयोजित टेट परीक्षा में 66,364 अभ्यर्थी पास किये थे. इनमें पहली से पांचवीं के लिए 22,850 और छठी से आठवीं के लिए 43,514 अभ्यर्थी सफल हुए थे.
2013 के बाद शिक्षक नियुक्ति की जो प्रक्रिया चली, उसमें 15,698 शिक्षकों की नियुक्ति हो सकी. इसमें पहली से पांचवीं के लिए 12,486 शिक्षकों की और छठी से आठवीं के लिए 3,212 शिक्षकों की नियुक्ति हो सकी. जबकि टेट पास 66,364 में से 50,666 अभ्यर्थियों को नियुक्त नहीं किया जा सका.
वहीं वर्ष 2016 के नवंबर माह में हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा में 52,848 अभ्यर्थी सफल घोषित किये गये. जिसमें कक्षा एक से पांच में 16,534 व कक्षा छह से आठ में 36,314 अभ्यर्थी सफल हुए थे. राज्य में सबसे अधिक 6,638 अभ्यर्थी रांची में सफल हुए. वहीं सबसे कम पाकुड़ में 775 अभ्यर्थी सफल हुए थे. वर्ष 2013 की तुलना में वर्ष 2016 में लगभग 12 हजार कम अभ्यर्थी सफल हुए.
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नयी नियमावली में होना है तीसरा टेट
जेटेट का तीसरा संस्करण नयी नियमावली के तहत होगा. जिसके अनुसार, भाषा के शिक्षक के लिए इसी विषय में टेट पास करना अनिवार्य होगा. वहीं, क्षेत्रीय भाषाओं में पास करने के बाद ही अन्य कॉपियां जांची जायेगी.
छठी से आठवीं की शिक्षक पात्रता परीक्षा में अभ्यर्थी जिस विषय में स्नातक किये होंगे, उसी का टेट दे सकेंगे. अभ्यर्थी का वही मुख्य विषय होगा और टेट में उस विषय से जुड़े प्रश्न उन्हें हर हाल में बनाने होंगे. भाषा (हिंदी-अंग्रेजी) के लिए इसी विषय से संबंधित प्रश्नों को हल करने होंगे.
इसके अलावा अनिवार्य रूप से दूसरे उम्मीदवार को भी हिंदी-अंग्रेजी में पासिंग मार्क्स लाना होगा. क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा में क्वालीफाई करने पर ही विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भाषा या फिर पहली से पांचवीं के टेट की कॉपियां जांची जायेगी.
क्षेत्रीय भाषा में सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग में 35 प्रतिशत क्वालीफाइ मार्क्स रखे गये हैं. परीक्षा इंटर व स्नातक स्तर के प्रश्न पूछे जायेंगे.
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