
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची-पटना एनएच को जल्द ही चलने लायक बनाने का निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार (एनएचएआई) को दिया है. अदालत ने वन्य जीव बोर्ड की बैठक बुला कर सभी प्रकार के क्लियरेंस देने और कोडरमा से रजौली के बीच उचित स्थान पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को कहा है ताकि वन्य जीवों के आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़े और वह सुरक्षित भी रह सकें.
चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने स्वत: संज्ञान लिये मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. एनएचएआई को दो सप्ताह में उपरोक्त बातों के आलोक में जवाब दाखिल करने का निर्देश कोर्ट ने दिया है.
इसे भी पढ़ें: कोविड-19 के कारण रिम्स में घट गयी मरीजों की संख्या
गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि बिहार सरकार को कोर्ट के आदेश से अवगत करा दिया गया है. जल्द ही सभी स्टेक हॉल्डर मिल कर इस पर निर्णय लेंगे.
इस पर अदालत ने कहा कि यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है. दो राज्यों को जोड़ने वाली यह सड़क काफी व्यस्त रहती है. लेकिन कोडरमा से रजौली तक की हालत खराब है.
इसे भी पढ़ें: केंद्र सरकार ने बदला पारिवारिक पेंशन का नियम, अब नाबालिग को भी इन स्थितियों में मिलेगी राशि
क्लियरेंस नहीं मिलने और दूसरी तकनीकी कारणों से इसे अधिक दिनों तक लटकाए रखना उचित नहीं है. वन्य जीवों को संरक्षित करने के साथ-साथ सड़क पर सुगम यातायात भी जरूरी है.
अदालत ने बिहार, झारखंड और एनएचएआई को वन्य जीव बोर्ड की बैठक बुला कर सभी क्लीयरेंस तेजी से देने, सड़क की मरम्मत करा भारी वाहनों के चलने लायक बनाने और वन्य जीवों को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान पर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण करने का निर्देश दिया. सभी पक्षों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी.
इसे भी पढ़ें: जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप के लिए ब्रिटेन ने झारखंड सरकार को दी बधाई




