न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

प्‍यार करने से बढ़ता है वजन: रिसर्च

277

NewsWing Desk: ऐसा कहा जाता है कि प्यार के बिना जिंदगी अधूरी है. आपके पास कितना भी पैसा हो लेकिन आप कभी किसी का प्यार नहीं खरीद सकते हैं. प्यार आपको बस प्यार के बदले ही मिल सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्यार करने से आपका वजन भी बढ़ सकता है. यह सुनने में थोड़ा अजीब जरूर है, लेकिन सच तो यही है. यह बात स्टडी से पता चली है.

ऑस्ट्रेलिया की ‘सेंट्रल क्वींलैंड यूनिवर्सिटी’ की एक स्टडी के मुताबिक, जब लोग किसी के साथ प्यार के रिश्ते में बंधे होते हैं या उनको किसी से प्यार होता है तो उनका वजन बढ़ने की संभवना ज्यादा होती है. इस स्टडी में 15,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया है. उन्होंने स्टडी में शामिल पुरुष और महिलाओं के बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की तुलना करने के बाद नतीजे घोषित किए. स्टडी में अलग-अलग जीवनशैली के सिंगल्‍स और कपल्‍स दोनों तरह के लोगों को शामिल किया गया है.

इसे भी पढ़ें: मोटापे से बचने के 5 उपाय

वजन बढ़ने की वजह-

स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने बताया कि प्यार और वजन बढ़ने का एक-दूसरे से गहरा संबंध है. जब लोग किसी के साथ रिलेशनशिप में होते हैं तो कुछ टाइम बाद उनमें अपने पार्टनर को इंप्रेस करने की इच्छा खत्म हो जाती है. खुद पर ध्यान न देने की वजह लोगों का वजन बढ़ने लगता है.

सभी लोगों का वजन इसलिए भी बाढ़ जाता है कि लोग जब प्यार में होते हैं तो वह जिम से ज्यादा पार्टनर के साथ समय बिताना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल के बदलने की वजह से भी वजन बढ़ने का एक वजह है.

जब किसी को किसी से प्यार होता है तो वे लोग हमेशा खुश नजर आते हैं. उनके उपर किसी भी बात का स्ट्रेस नहीं होता है. जब हम खुश होते हैं तो हमारे शरीर में हैप्पी हार्मोन ऑक्सीटोसिन और डोपामाइन निकलते हैं. इन हैप्पी हार्मोन से चॉकलेट, वाइन और ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाने की इच्छा होती है, जो वजन बढ़ाने का काम करती हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: