
Amit Jha
Ranchi: अब पंचायत सचिवालय भवनों के दिन बहुरेंगे. वे और चकाचक दिखेंगे. बिजली-पानी सर्विस इश्यू का सोल्यूशन होगा. गांव की सरकार और ग्रामीण इसमें स्मार्ट टीवी, इंटरनेट सुविधाओं का आनंद भी ले सकेंगे. भवन की सुरक्षा के लिए भी व्यवस्था होगी. असल में राज्य सरकार के स्तर से इसके लिए पहल की गयी है. पंचायती राज विभाग, झारखंड ने पंचायत सुदृढीकरण योजना को स्वीकृति दी है. इसका संकल्प भी जारी कर दिया है. इससे राज्य की 4345 पंचायतों को लाभ मिलेगा. विभिन्न सुविधाओं, व्यवस्था को तय करने को अब हर माह कम से कम 15 हजार रुपये मिलेंगे. मार्च 2023 के प्रभाव से ही इस राशि का लाभ पंचायतों को मिलने लगेगा.
पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण से लाभ
पंचायती राज सचिव राजीव अरुण एक्का के स्तर से पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना की स्वीकृति के संबंध में संकल्प जारी कर दिया गया है. इसके आधार पर कहा गया है कि सभी ग्राम पंचायत सचिवालय भवन से पक्की सड़क तक पहुंच पथ सरकार के स्तर से सुनिश्चित किया जायेगा. पंचायत सचिवालय में एक प्रज्ञा केंद्र का संचालन हर हाल में हो, इसके लिए उन्हें एक कमरा निःशुल्क उपलब्ध कराना है.
सभी पंचायत सचिवालय में बैंक ब्रांच, एटीएम, पेमेंट बैंक या इंडियन पोस्टल बैंक के ब्रांच की स्थापना करायी जाए. इन संस्थानों को सचिवालय में कमरा या स्थान फ्री में मिले. राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय के लिए एक कमरा तय होगा. इसमें उपनिरीक्षक द्वारा सचिवालय में उपस्थिति हेतु स्वयं दो कार्यदिवस निर्धारित किया जायेगा. इसकी सूचना पंचायत सचिवालय के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जायेगी. सभी सचिवालय में लगभग 100 एमबीपीएस गति (अपलोड-डाउनलोड) का पोस्टपेड नेट कनेक्शन रहना अनिवार्य किया जाए. सचिवालय भवन के 4 कमरों में केबल के माध्यम से तथा शेष परिसर में वाईफाई के माध्यम से इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.
सभी पंचायत सचिवालय भवन में वैध बिजली कनेक्शन और वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी. पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था होगी. एक 65 इंच का स्मार्ट एलइडी टीवी, कंप्यूटर, एक इन्वर्टर और एक Stabilzer की सुविधा तय होगी. इंटरनेट, पेयजल, बिजली, सुरक्षा, साफ-सफाई, जेनरेटर हेतु आवर्ती व्यय के लिए इस योजना में हर महीने 15 हजार रुपये की राशि अनुमान्य होगी.
सचिवालय भवन के छोटे-छोटे मरम्मति कार्य, रंग-रोगन, प्लास्टर, दरवाजा-खिड़की की मरम्मति, वायरिंग इत्यादि का व्यय इसी योजना की राशि से अनुमान्य होगा. इस योजना के व्यय के लिए अलग रोकड़ पंजी रखी जायेगी. योजना के क्रियान्वयन हेतु समय-समय पर दिशा निदेश निर्गत पंचायती राज विभाग जारी करेगा.
आखिर सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना क्यों
पंचायती राज द्वारा जारी संकल्प के मुताबिक अपने दायित्वों के निर्वहन और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को वित्तीय संसाधन हेतु 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा से प्राप्त अनुदान की राशि उपलब्ध करायी जाती है. पर इस राशि का व्यय केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अधीन करना होता है. ऐसे में वित्त आयोग की अनुदान राशि से सेवाओं और सुविधाओं की सतत उपलब्धता तय करना कठिन है. ऐसे में ग्राम पंचायत सचिवालय भवन में आधारभूत संरचना और न्यूनतम सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त राशि का व्यय किया जाना तय हुआ है.
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