
Ranchi: सिविल कोर्ट के अधिवक्ता पवन रंजन खत्री के साथ मारपीट के विरोध में वकीलों ने गुरुवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया है. साथ ही कोतवाली थाना का घेराव कर मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कोतवाली थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद ने आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझा-बुझा कर शांत कराया. वहीं, अधिवक्ता पवन रंजन खत्री का कहना है कि गौरव सिन्हा ने उनके साथ मारपीट की है. गले से चेन और पॉकेट से 10 हजार रुपये छीन लिए. सिविल कोर्ट में बुधवार को अधिवक्ता पवन रंजन खत्री पर हमले को लेकर वकीलों में काफी आक्रोश है.
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बता दें कि रांची जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव ( प्रशासन) पवन रंजन खत्री ने बुधवार को फैमिली कोर्ट में सुनवाई में हिस्सा लिया था. फैमिली कोर्ट में गौरव सिन्हा और उसकी पत्नी सुगनू कुमारी के बीच भरण-पोषण के मामले की सुनवाई चल रही थी. सुगनू कुमारी की ओर से अधिवक्ता पवन केस लड़ रहे थे. इसी बीच किसी बात को लेकर अधिवक्ता पवन और क्लाइंट गौरव के बीच विवाद हो गया. कुछ देर बाद गौरव और अधिवक्ता के बीच कहासुनी हुई. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि गौरव अधिवक्ता से उलझ गया. उनके साथ धक्का-मुक्की कर दी. इसी दौरान गौरव और पवन के बीच मारपीट शुरू हो गई. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. आरोपी गौरव सिन्हा मूलरूप से मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. वर्तमान में चेन्नई में पोस्टेड हैं. उनकी पत्नी सुगनू कुमारी राजधानी के अशोक नगर में रहती हैं.
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