
Latehar : जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के टोरी रेलवे साइडिंग में गुरुवार रात उग्रवादियों ने जमकर उत्पात मचाया. उग्रवादियों ने साइडिंग परिसर में खड़े 16 वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इस घटना से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. घटना को अंजाम उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद के सशस्त्र दस्ते ने दिया है.
इतना ही नहीं उग्रवादियों ने साइडिंग में काम कर रहे छह लोगों की पिटाई भी की और उनके मोबाइल फोन लूट लिए. इधर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही उग्रवादियों ने उनपर भी गोलीबारी की. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उग्रवादियों पर गोली चलायी. लगभग डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही. जिसके बाद अंत में उग्रवादी रात का फायदा उठाकर जंगलों में भाग निकले.
15 की संख्या में थे उग्रवादी
सूत्रों के मुताबिक उग्रवादी लगभग 15 की संख्या में थे. सभी हथियारों से सैल थे. उग्रवादी पूर्व दिशा से साइडिंग में घुस गए और फिर साइडिंग परिसर में अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
अचानक हुए फायरिंग से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गयी. सभी चालक वाहन छोड़कर भागने लगे. जिसके बाद उग्रवादियों ने एक-एक कर सभी वाहनों पर तेल डालकर आग के हवाले कर दिया. साथ ही साइडिंग में काम कर रहे लोगों को उग्रवादियों ने एक जगह पर एकत्र किया और फिर राइफल के कुंदे से उनकी पीटाई की. जिससे की कई लोगों को गंभीर चोटें भी आयी. उग्रवादियों ने उनके मोबाइल फोन और टार्च भी लूट लिए.
लेवी के कारण दिया गया घटना को अंजाम
उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद जेजेएमपी ने घटनास्थल पर हस्तलिखित पर्चा छोड़कर घटना की जिम्मेवारी ली है. पर्चा में संगठन के लवलेश के द्वारा कहा गया है कि लेवी नहीं दिया गया इसी वजह से घटना को अंजाम दिया गया है.
उग्रवादी संगठन ने बिना इजाजत काम नहीं करने की धमकी दी है. और कहा है कि आदेश का उलंघन कर काम करने पर फौजी कार्रवाई की जाएगी. साइडिंग में ट्रांसपोर्टिंग का काम बंद करने को कहा है.
साइडिंग में काम बंद
घटना के बाद से साइडिंग में काम बंद हो गया है. कोयला लोडिंग के लिए आई मालगाड़ी में लोडिंग का काम भी ठप हो गया और मालगाड़ी को खींचने वाले डीजल रेल इंजन को चालकों ने एहतियात के तौर पर बंद कर दिया. गौरतलब है कि घटना के बाद वहां मौजूद लोग सहम गए हैं.
मंगाई गई है फोर्स
टोरी साइडिंग में गोलीबारी के बाद जिला मुख्यालय लातेहार समेत आसपास के थाना क्षेत्र से फोर्स मंगाई गई है. इलाके में ग्रामीण रास्तों को जोड़ने वाले मार्ग पर नाकाबंदी कर दी गई है. इसके अलावा पुलिस की एक टीम लगातार मुख्य पथ पर गश्त लगा रही है.
इधर घटना को लेकर लातेहार जिले के समीप चतरा, लोहरदगा और रांची जिले के सीमांत इलाके में भी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. तीनों जिलों से होकर गुजरने वाले रास्तों को सील कर दिया गया है और पुलिस के द्वारा इन रास्तों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
अधिवक्ता की फायरिंग ने कुछ और वाहनों को जलने से बचाया
साइडिंग परिसर के समीप स्थित अधिवक्ता लाल अरविंद नाथ शाहदेव को उग्रवादियों द्वारा हमला किए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और हवा में फायरिंग शुरू कर दी ताकि उग्रवादियों को यह लगे कि जवाबी कार्रवाई हो रही है.
तुरंत बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और उग्रवादियों पर पायरिंग की जिससे की उन्हें भागना पड़ा. वहीं अधिवक्ता की ओर से फायरिंग किए जाने के बाद उग्रवादियों की टीम उत्तर दिशा की ओर नहीं बढ़ी नहीं तो कई और वाहन आग के हवाले कर दिए जाने की आशंका थी.




