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दो माइनिंग कंपनियों से 92.23 करोड़ की बकाया मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क की वसूली का आदेश, दो और राडार पर

Nikhil kumar

Ranchi: झारखंड की दो माइनिंग कंपनियों से बकाया निबंधन शुल्क व मुद्रांक शुल्क वसूलने का आदेश दिया गया है. ये दोनों कंपनियां पाकुड़ जिले अंतर्गत आती है जो माइनिंग के लिए जमीन लिए हुए है. सरकार ने इन्हें चिंहित किया है. इनमें, जिला अवर निबंधक, पाकुड़ ने इस संबंध में रिपोर्ट भी दिया है. महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट के बाद इन सभी कंपनियों पर कार्रवाई प्रारंभ की गयी है. जिला अवर निबंधक की रिपोर्ट के अनुसार WBPDC के पक्ष में दिनांक 12.06.2018 एवं PSPCL के पक्ष में दिनांक 07.08.2019 को निबंधित एक विलेख से ₹92,23,20,000/- की वसूली हेतु महालेखाकार कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है. ऐसे में इन कंपनियों से अविलंब वसूली की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी है. इनके अलावा जिला अवर निबंधक, पलामू द्वारा भी सरकार को बताया गया कि M/s Aranya Mines एवं Hindalco Limited से संबंधित वसूली हेतु उपसमाहर्ता, पलामू के माध्यम से सूचित करते हुए कार्रवाई तेज की गयी है.

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 इस संबंध में वसूली के लिए वाद भी दायर है. पूरे मामले पर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिला अवर निबंधक/अवर निबंधक को निर्देश दिया गया कि सभी प्रकार के विलेखों पर बकाया मुद्रांक शुल्क एवं निबंधन शुल्क की वसूली के लिए लगातार कार्रवाई की जाए. समस्त निबंधन कार्यालयों के निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे वसूली के समस्त मामलों का लगातार अनुश्रवण करें. बता दें कि, राज्य सरकार ने खनन पट्टा पर मुद्रांक शुल्क चार प्रतिशत व निबंधन शुल्क 3 प्रतिशत की वसूली सही से हो रही है की नहीं इसकी भी समीक्षा करा रही है, तथा पूर्व में जो निबंधन हो चुका है उसमें सही तरीके से शुल्क की वसूली हुई है की नहीं इस पर भी जांच चल रही है. इसी क्रम में दो कंपनियों से वसूली की कार्रवाई शुरू हुई और दो कंपनियों पर वाद चल रहा है. बता दें कि बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति होने का आकलन किया गया है, यही वजह है कि अब वसूली की कार्रवाई तेज की गयी है.

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